स्टूडेंट्स की 'गर्लफ्रेंड' RTO को करेंगी मालामाल
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आरटीओ का चारधाम यात्रा से इस बार भले ही मुनाफा न हो, कॉलेज गोइंग स्टूडेंट की गर्लफ्रेंड तो हैं न...।
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जी हां! आरटीओ की ओर से बीते साल शुरू हुई बाइक रेंटल स्कीम के लिए आवेदन आने लगे हैं। शहर से तीन लोगों ने किराए पर बाइक देने के लिए आरटीओ में अप्लाई किया है।
हैरानी बात है कि यह एप्लीकेशन श्रद्घालुओं नहीं, बल्कि प्रेम पुजारियों को देखते डाली गई है। दरअसल जिन इलाकों के लिए लोगों ने आरटीओ से लाइसेंस मांगा है, वहां बड़े एजुकेशनल इंस्टीट्यूट हैं।
गर्लफ्रेंड है पर बाइक नहीं
आवेदकों के मुताबिक उनके ग्राहक कॉलेज और इंस्टीट्यूट के वे युवा हैं, जिनके पास गर्लफ्रेंड तो है, मगर मसूरी या आसपास आउटिंग पर जाने के लिए बाइक नहीं।
ऐसे में यह स्कीम कारगर हो सकती है। आवेदनों से उत्साहित आरटीओ भी जल्द लाइसेंस जारी करने जा रहा है।
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स्कीम के पीछे आरटीओ की सोच थी कि इससे विदेशियों को चारधाम के लिए रिझाया जा सकेगा। आरटीओ को टैक्स मिलेगा और युवाओं को रोजगार भी। मगर जून की आपदा ने स्कीम को पलीता लगा दिया।
क्या है रेंटल बाइक स्कीम
मार्च में आरटीओ के पास आए तीन आवेदनों ने उम्मीद बढ़ा दी है। फिलहाल यह स्कीम नैनीताल में चल रही है। देहरादून में शुरुआत मध्य अप्रैल से हो सकती है।
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एक आवेदन मसूरी रोड स्थित एक प्राइवेट विवि के पास रहने वाले परिवार से आया है। दूसरा प्रेमनगर और तीसरा क्लेमेंटटाउन से आया है। इन सभी इलाकों के आस-पास कई शिक्षण संस्थान हैं।
यह है स्कीम
1. रेंटल बाइक स्कीम में पांच साल के लिए परमिट जारी होगा।
2. फीस एक हजार रुपए होगी। आवेदक के पास 5 या अधिक बाइक जरूरी।
3. परमिट के लिए पहले प्रशासन से जारी चरित्र प्रमाण पत्र देना होगा।
4. एक ऑफिस होना जरूरी, जिसमें लैंडलाइन फोन अनिवार्य।
5. इस स्कीम के तहत कोई भी व्यक्ति बाइक किराए पर दे सकता है।
बाइक किराए पर देने से पहले ध्यान दें
1. बाइक लेने वाले का ड्राइविंग लाइसेंस, फोटो पहचान पत्र की कॉपी के अलावा विदेशी सैलानी के पासपोर्ट की कॉपी रखनी होगी।
2. प्रतिदिन या किलोमीटर के हिसाब से शुल्क वसूला जाएगा।
3. बाइक में खराबी आने या पार्ट खराब होने पर खर्चा अलग से ले सकेंगे।
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यह स्कीम केंद्र की है। उत्तराखंड आने वाले कई पर्यटक एडवेंचर टूरिज्म पसंद करते हैं। उनमें रेंटल बाइक्स की डिमांड है। मसूरी रोड वाले आवेदक की औपचारिकताएं लगभग पूरी हैं। लाइसेंस जल्द मिल जाएगा। आवेदक मान रहे हैं कि छात्रों से उनके बिजनेस को मुनाफा मिलेगा।
- संदीप सैनी, एआरटीओ