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हल्द्वानी: बारिश में उफान पर आई नंधौर नदी से बढ़ा खतरा, एक युवक की मौत, स्कूल की सुरक्षा दीवार ढही

Wed, 29 Aug 2018 10:40 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हल्द्वानी
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Wed, 29 Aug 2018 10:40 PM IST
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Big loss and youth died after Heavy rain in haldwani
River - फोटो : demo pic

बारिश कहर बनकर बरस रही है। नंधौर नदी की बाढ़ में बहने से ग्राम बिहारीनगर निवासी भुवन आर्या (45) पुत्र दीवान राम की मौत हो गई। भुवन मजदूरी करता था। उसका शव गांव से तीन किमी दूर सितारगंज थाना क्षेत्र के उकरौली कैलाश नदी में मिला।

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उधर, बनबसा में एनएचपीसी की पावर चैनल में एक अधेड़ महिला बह गई। वह करीब तीन किमी तक  बह गई थी। उसे आंबेडकर ग्राम फागपुर के कुमाऊंखेड़ा निवासी मनोहर उर्फ मन्नू  ने बचा लिया। कपड़े धोते वक्त सैलानीगोठ निवासी मंजू (47) का पैर फिसल गया था और वह पावर चैनल में गिर गई।  डीडीहाट के अंबेडकर वार्ड के गमस्यालधार निवासी राजेंद्र सिंह (28) पुत्र जोध सिंह का शव बुधवार को थल-डीडीहाट मार्ग पर पटवारी मोड़ पर मिला।
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आशंका जताई जा रही है कि मंगलवार रात बारिश में भीगने के चलते ठंड में उसकी मौत हुई होगी।  बाजपुर के गांव बरहैनी में एक कच्चे मकान की छत गिरने से महिला सहित तीन लोग घायल हो गए। आसपास के लोगों ने बमुश्किल घायलों को बाहर निकाला। सरोवर नगरी में बुधवार तड़के सनवाल स्कूल की सुरक्षा दीवार की ढह गई। गनीमत रही कि घटना के समय स्कूल बंद था वरना बड़ा हादसा हो सकता था। घटना की वजह से विद्यालय प्रबंधन को बुधवार के दिन स्कूल में अवकाश घोषित करना पड़ा।

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Big loss and youth died after Heavy rain in haldwani
wall collapse

दीवार के क्षतिग्रस्त होने से वहां खड़ी एक आल्टो कार मलबे के साथ नीचे गिरने से क्षतिग्रस्त हो गई। क्षतिग्रस्त दीवार का मलबा स्कूल परिसर में फैल गया। नगर के कई स्थानों में पत्थर टूट कर सड़कों पर आ गए। बुधवार को नैनी झील का जलस्तर महीने के सर्वाधिक स्तर 10 फुट से ऊपर पहुंच गया। अब झील लबालब भर गई है। जलस्तर एक फुट और बढ़ा तो डांठ खोलने की नौबत आ सकती है। बागेश्वर में मंगलवार आधी रात  सरयू उफान में आ गई। इसका जलस्तर खतरे के निशान से महज डेढ़ मीटर नीचे रह गया। बागेश्वर से कपकोट तक अलर्ट कर दिया गया। कपकोट के संवेदनशील स्थलों के बाशिंदों को आश्रय स्थलों में शिफ्ट कर दिया गया। बाजपुर में लेवड़ा नदी में बाढ़ आने पर हल्द्वानी स्टेट हाइवे पर जलभराव हो गया।

बागेश्वर जिले में 12 सड़कें बंद रहीं। इससे 35 हजार की आबादी यातायात सेवा से वंचित रही। चंपावत जिले में चार जबकि अल्मोड़ा जिले में तीन सड़कें अब भी बंद हैं।  थल-मुनस्यारी मार्ग पर रातीगाड़ में 40 मीटर सड़क का पता नहीं है। मार्ग को बंद हुए 10 दिन से अधिक समय हो गया है। 150 मीटर सड़क पूरी तरह से मलबे से पटी है। वहीं, कक्कड़ सिंह बैंड पर नीचे की ओर से भूस्खलन होने से सड़क ध्वस्त हो गई है।

अलबत्ता हरड़िया वैली ब्रिज की लंबाई बढ़ाने के बाद वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है।  कैलाश मानसरोवर यात्रियों के साथ भी मौसम की आंखमिचौली का सिलसिला जारी रहा। सुबह मौसम खुला तो 15वें दल के 10 यात्री हेलीकाप्टर से गुंजी पहुंच पाए, लेकिन 18 यात्री पिथौरागढ़ में ही रह गए। गुंजी से दसवें दल के 12 यात्री पिथौरागढ़ आए, जबकि सात यात्री अभी गुंजी में हैं।

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