अस्पताल में तड़पती रही प्रसूता, लेकिन 'हैवान' बने डॉक्टरों को नहीं आई दया और फिर...

ब्यूरो/अमर उजाला, कर्णप्रयाग Updated Fri, 10 Nov 2017 01:42 AM IST
big disclosure in pregnant women death in karnaprayag
प्रसव के लिए अस्पताल पहुंची गर्भवती महिला दर्द से तड़पती रही, लेकिन भगवान कहे जाने वाले डॉक्टरों ने हैवान बने रहे। उन्हें प्रसूता की स्थिति पर दया नहीं आई। उनकी इस लापरवाही से महिला को अपनी जान गवानी पड़ी। यह खुलासा जांच रिपोर्ट में हुआ है।
अस्पताल में इंजेक्शन होने के बावजूद प्रसूता के लिए बाहर से इंजेक्शन मंगाया गया जिसके चलते समय पर इंजेक्शन नहीं लगने से प्रसूता की मौत हो गई। विभागीय जांच में इसका खुलासा हुआ है।

अस्पताल में प्रसव के बाद हुई प्रसूता की मौत की जांच रिपोर्ट विभाग ने 37 दिन बाद उसके परिजनों को दे दी। यह रिपोर्ट स्वास्थ्य महानिदेशक को भी भेजी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 3 अक्तूबर को प्रसूता के लिए डोपमिन इंजेक्शन बाहर से मंगाया गया, जबकि अस्पताल में यह इंजेक्शन उपलब्ध था, लेकिन इंजेक्शन समय पर नहीं लगने से महिला की मौत हो गई।

जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि महिला चिकित्सक नहीं होने की जानकारी देने के बावजूद महिला के परिजनों ने खुद की जिम्मेदारी पर उसे अस्पताल में भर्ती करवाया।
दो अक्तूबर को ग्वाड़ गांव की गर्भवती लक्ष्मी देवी को सीएचसी कर्णप्रयाग में भर्ती कराया गया था।
 
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