प्राइवेट स्कूल एक्ट में बड़े बदलाव की तैयारी, जिसके बाद अब मनमानी करने वालों की खैर नहीं
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निजी स्कूलों पर नकेल कसने के लिए लाए जा रहे प्राइवेट स्कूल एक्ट में राज्य सरकार संशोधन कर रही है। मौजूदा ड्राफ्ट में केंद्रीय एक्ट के कई प्रावधानों को शामिल किया जा रहा है। इसके बाद इसका फाइनल ड्राफ्ट तैयार कर मंजूरी के लिए कैबिनेट में रखा जाएगा।
हर साल नए शैक्षणिक सत्र की शुरूआत के समय फीस बढ़ोत्तरी, मनमानी फीस वसूलने, कई तरह के अतिरिक्त शुल्क वसूलने, अभिभावकों और छात्रों पर अनावश्यक दबाव डालने जैसी शिकायतों से निपटने के लिए राज्य सरकार ने प्राइवेट स्कूल एक्ट लाने की बात कही थी।
इसका ड्राफ्ट भी तैयार कर लिया था, लेकिन इसे फाइनल करने से पहले सरकार अब इसमें केंद्रीय ड्राफ्ट के प्रावधानों को शामिल कर रही है। इस एक्ट के अनुसार, प्रदेश और प्रत्येक जिला स्तर पर निगरानी समिति गठित की जाएगी।
समिति के पास एक्ट का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अर्थदंड और सजा सुनाने का अधिकार होगा। इससे निजी स्कूलों की मनमानी पर तो रोक लगेगी ही छात्रों व अभिभावकों की शिकायतों पर स्कूलों पर कार्रवाई भी की जा सकेगी।
स्कूल भी कर सकेंगे अपील
शिथिलता भी बरतेंगे
राज्य सरकार, एक्ट के कई नियमों में शिथिलता बरतेगी। दरअसल राज्य की विषम भौगोलिक स्थिति, देहरादून व नैनीताल की एजुकेशन हब की छवि को देखते हुए सरकार ने यह फैसला लिया है। अधिक कड़े प्रावधान होने से इसका नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकता है।
स्कूल भी कर सकेंगे अपील
जिला स्तर पर समस्या का समाधान न होने पर स्कूल राज्य स्तरीय समिति में अपील कर सकेंगे। फैसले से संतुष्ट न होने पर निजी स्कूल संचालक राज्य स्तरीय समिति में अपील कर सकते हैं। समिति के पास अलग-अलग मामलों में जुर्माने और सजा सुनाने का अधिकार भी होगा।
केंद्र के एक्ट में कई प्रावधान बेहद लाभकारी हैं। राज्य के एक्ट में इनको शामिल किया जा रहा है। फाइनल ड्राफ्ट तैयार होने के बाद इसे कैबिनेट में भेजेंगे।
-कैप्टन आलोक शेखर तिवारी, महानिदेशक, विद्यालयी शिक्षा