बेटियों के लिए इस सरकारी योजना में हुआ बड़ा बदलाव, पढ़ाई से लेकर शादी तक की टेंशन खत्म
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अगर आप भी बेटी के माता-पिता हैं तो यह खबर आपके लिए है। उत्तराखंड सरकार ने नंदा गौरा योजना के लाभ के लिए वार्षिक आय सीमा बढ़ाकर 72 हजार रुपये कर दी है। अब शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के लिए उक्त एक ही आय सीमा मान्य होगी।
सरकार के इस कदम से अधिक बीपीएल परिवारों की बेटियों को पढ़ाई व शादी के लिए योजना का लाभ मिल सकेगा। बृहस्पतिवार को शासन की ओर से इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया है।
महिला कल्याण एवं बाल विकास, समाज कल्याण विभाग के माध्यम से बीपीएल परिवारों की कन्याओं के लिए संचालित नंदा गौरा योजना की आय सीमा को बढ़ाकर 72 हजार रुपये वार्षिक (प्रति माह छह हजार) रुपये कर दिया गया है।
पूर्व में इस योजना का लाभ लेने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 36 हजार और शहरी क्षेत्रों में 42 हजार रुपये वार्षिक आय निर्धारित थी। अब सरकार ने योजना के लिए शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों की अलग-अलग श्रेणी खत्म कर आय सीमा एक ही कर दी है।
ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के लाभार्थियों के लिए आय सीमा में दोगुनी बढ़ोत्तरी हुई है। अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की ओर से बृहस्पतिवार को इस बाबत शासनादेश जारी कर दिया गया है। बता दें कि योजना के अंतर्गत सरकार की ओर से कन्याओं के जन्म से लेकर पढ़ाई व शादी के लिए कुल 51 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।
सरकार ने महिला कल्याण एवं बाल विकास, समाज कल्याण के माध्यम से कन्याओं के उत्थान के लिए संचालित योजनाओं का एकीकरण कर नंदा गौरा योजना को शुरू किया है। योजना का लाभ अधिक से अधिक कन्याओं को मिल सके, इसके लिए सरकार ने योजना की वार्षिक आय सीमा में बढ़ोत्तरी की है।
-रेखा आर्या, राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) महिला कल्याण एवं बाल विकास
योजना में यह है आर्थिक सहायता का प्रावधान
बेटी के जन्म पर - पांच हजार रुपये
एक वर्ष पूरा होने पर - पांच हजार रुपये
आठवीं कक्षा की पढ़ाई में - पांच हजार रुपये
दसवीं कक्षा की पढ़ाई में - पांच हजार रुपये
12 वीं कक्षा की पढ़ाई में - पांच हजार रुपये
स्नातक व डिप्लोमा करने पर - 10 हजार रुपये
बेटी का विवाह करने पर - 16 हजार रुपये