भोजनमाता विवाद: थाने की चौखट तक पहुंचा मामला, बीडीसी सदस्य और एसएमसी अध्यक्ष सहित छह लोगों पर एफआईआर
भोजनमाता सुनीता देवी ने भोजनमाता विवाद के दौरान अभद्रता और जातीय भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए चल्थी चौकी में तहरीर दी थी।
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उत्तराखंड के चंपावत जिले में सूखीढांग जीआईसी का भोजनमाता नियुक्ति विवाद अब थाने की चौखट तक पहुंच गया है। भोजनमाता की तहरीर पर क्षेत्र पंचायत सदस्य और स्कूल प्रबंध समिति (एसएमसी) सदस्य सहित छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
डीएम को मामले की जांच रिपोर्ट सौंपी
इस बीच सीईओ आरसी पुरोहित की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति ने डीएम को मामले की जांच रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट के निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन सूत्रों के मुताबिक भोजनमाता नियुक्ति प्रक्रिया में खामी नहीं पाई गई, सिर्फ तकनीकी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
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भोजनमाता सुनीता देवी ने भोजनमाता विवाद के दौरान अभद्रता और जातीय भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए चल्थी चौकी में तहरीर दी थी। चौकी प्रभारी देवेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि तहरीर के आधार पर पुलिस ने क्षेत्र पंचायत सदस्य दीपा जोशी, स्कूल प्रबंध समिति के अध्यक्ष नरेंद्र जोशी, महेश चौड़ाकोटी, बबलू गहतोड़ी, शंकर दत्त और सतीश चंद के खिलाफ गुरुवार को एससी-एसटी अधिनियम और आईपीसी की धारा 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया है।
मामले की जांच की जा रही है। सूखीढांग जीआईसी में दूसरी भोजनमाता की नियुक्ति शुक्रवार को होने की संभावना है। इसे लेकर साल के अंतिम दिन एसएमसी की बैठक बुलाई गई है।
एसएमसी की बैठक में आज पूरी हो जाएगी दूसरी भोजनमाता की चयन प्रक्रिया
सूखीढांग जीआईसी में दूसरी भोजनमाता की नियुक्ति शुक्रवार को होने की संभावना है। इसे लेकर स्कूल प्रबंध समिति की बैठक बुलाई गई है। बुधवार को भी एसएमसी की बैठक कोरम पूरा नहीं होने के कारण नहीं हो सकी थी। स्कूल में पढ़ाई और अन्य सभी गतिविधियां सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।
प्रधानाचार्य प्रेम सिंह ने बताया कि छठी से आठवीं कक्षा तक के सभी छात्र-छात्रा साथ में भोजन कर रहे हैं। इसमें हर जाति के छात्र-छात्राएं शामिल हैं। छात्र संख्या के हिसाब से यहां दो भोजनमाता रखे जाने का प्रावधान है, लेकिन फिलहाल एक ही भोजनमाता है। दूसरी भोजनमाता की नियुक्ति को लेकर विवाद की स्थिति पैदा हुई थी।
नवंबर और दिसंबर में दो बार विज्ञप्ति निकाली गई। इनमें सुनीता देवी और पुष्पा भट्ट के नाम को लेकर विवाद हुआ। नियमों के मुताबिक एससी जाति की सुनीता देवी को भोजनमाता रखा जाना चाहिए। अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष मुकेश कुमार ने सुनीता देवी को तैनाती देने के निर्देश दिए। ऐसा नहीं होने पर उन्होंने एफआईआर करने के निर्देश दिए थे।
विवाद की ये थी वजह
सूखीढांग जीआईसी में दूसरी भोजनमाता की नियुक्ति के लिए दो बार बैठक हुई। 15 नवंबर को हुई पहली बैठक में 11 आवेदन आए। पुष्पा भट्ट और सुनीता देवी के नाम में खींचतान रही। नियुक्ति के लिए चार दिसंबर को हुई दूसरी बैठक में चयन समिति ने सुनीता देवी का चयन किया। इसके विरोध में एक जाति विशेष के छात्र-छात्राओं ने भोजन नहीं खाया। विरोधस्वरूप 24 दिसंबर को दूसरी जाति के छात्रों ने पहले से तैनात सवर्ण भोजनमाता का बनाया खाना खाने से इंकार कर दिया। एमडीएम का बहिष्कार तो एसडीएम हिमांशु कफल्टिया के नेतृत्व में गई प्रशासनिक टीम ने सुलझा दिया अब भोजनमाता के चयन पर मोहर लगनी है।