नए साल से ड्रेस कोड में नजर आएंगी भोजन माताएं
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वर्दी के रूप में उन्हें गहरे हरे रंग की साड़ी या सूट मिलेगा। वर्दी के लिए डीबीटी के माध्यम से इनके खाते में एक हजार रुपये हस्तांतरित किए जा रहे हैं।
जिले के राजकीय विद्यालयों में वर्तमान में मानदेय पर 2698 भोजन माताएं तैनात हैं। भोजन माताओं की सुविधा और एकरूपता के लिए छह दिसंबर को शासन स्तर पर आदेश जारी हुआ। इसके अनुपालन में डीईओ (बेसिक) रवि मेहता ने जिले के सभी उप शिक्षा अधिकारियों को ड्रेस उपलब्ध करवाने के निर्देश दे दिए हैं।
साड़ी-ब्लाउज या लेडीज सूट का विकल्प
ड्रेस के रूप में साड़ी-ब्लाउज या लेडीज सूट का विकल्प है। भोजन माताएं स्वयं निर्धारित मूल्य सीमा की वर्दी क्रय कर सकती हैं। वर्दी का पक्का बिल भोजनमाता को अभिलेख के लिए स्कूल को उपलब्ध कराना होगा।
एमडीएम के जिला समन्वयक कमलेश बसेड़ा कहते हैं कि शीतकालीन अवकाश के बाद सभी भोजन माताएं हरे रंग की वर्दी में नजर आएंगी।
ड्रेस के साथ बेज पहनना भी अनिवार्य
भोजन माताओं को ड्रेस के साथ ही एमडीएम का लोगो, मोनोग्राम अथवा बेज पहनना भी अनिवार्य होगा। ताकि उनके संस्थान की पहचान हो सके। लोगो और मोनोग्राम को वर्दी पर प्रिंट करवाने की भी तैयारी है।