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सियासी ड्रामा खत्म, दो दिन बाद धरना छोड़ भीम बोले हरीश मेरे बाप
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 22 Aug 2016 08:37 AM IST
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भीमलाल आर्य
- फोटो : AmarUjala
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दो दिन पहले जिस सीएम के खिलाफ घनसाली के पूर्व विधायक भीमलाल मोर्चा खोले हुए थे, उनके रविवार की शाम होते-होते तेवर ढीले पड़ गए।
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अपनी तमाम मांगों को लेकर सीएम आवास पर धरना दे रहे पूर्व विधायक ने रावत को फिर से पिता तुल्य करार देते हुए धरना समाप्ति की घोषणा कर दी। कहा कि सीएम ने सभी मांगें मान ली हैं। सीएम हरीश रावत का कहना है कि भीमलाल अपने विधानसभा क्षेत्र को पिछड़ा घोषित करवाना चाहते हैं, जो उनके स्तर पर संभव नहीं है। यह बैकवर्ड क्लास कमीशन के स्तर का मामला है।
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तमाम वादे करके कांग्रेस के पाले में खड़ा करने और फिर झुनझुना पकड़ाकर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए पूर्व विधायक भीमलाल ने बीते बुधवार को हरीश रावत के साथ बगावत का ऐलान किया था। उन्होंने यह भी कहा था कि जिस राज्य अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास परिषद का उन्हें अध्यक्ष बनाया गया था, उससे भी इस्तीफा दे दिया है। यही नहीं हरीश रावत पर क्षेत्र का विकास न करने समेत तमाम आरोप भी लगाए थे।
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शुक्रवार से उन्होंने सीएम आवास के बाहर धरना दे दिया। यह भी कहा कि मांगें पूरी नहीं होने तक यहां से नहीं जाएंगे। रविवार को धरने का तीसरा दिन होते-होते उन्होंने इसे समाप्त कर दिया। भीमलाल ने बताया कि वह मुख्यमंत्री से मिले थे, जहां उन्होंने क्षेत्र को पिछड़ा घोषित करने की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री ने सहमति जताई तो धरना खत्म कर दिया।
भीमलाल ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री उनके पिता समान हैं। वहीं मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि भीमलाल मुझसे मिलने आए थे। विधानसभा क्षेत्र को पिछड़ा घोषित करने की कार्रवाई बैकवर्ड क्लास कमीशन के स्तर पर ही संभव है।
मुख्यमंत्री मेरे पिता हैं। बस ऐसा मान लीजिए कि मैं खेलते-खेलते उनकी गोद से गिर गया था। इस बात पर नाराजगी हो गई थी। अब सब सामान्य है। उन्होंने मेरी मांग मान ली है। वह अगली बार फिर से मुख्यमंत्री बनकर आएंगे, यह मेरा विश्वास है। - भीमलाल, पूर्व विधायक