भाजपा के खिलाफ फूटा भीमराव अंबेडकर के परपोते का गुस्सा, कह दिया ये
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संविधान निर्माता भारत रत्न डा. भीमराव अंबेडकर का नाम आज राजनीतिक दलों के लिए भीड़ और वोट प्राप्त करने का जिस तरह से माध्यम बनकर रह गया है उससे उनके प्रपौत्र और इंडियन बुद्धिसिस्ट सोसायटी के अध्यक्ष डा. राजरत्न अंबेडकर आहत हैं।
उनका कहना है कि देश के सामने उपस्थित चुनौतियों का निराकरण डा. भीमराव अंबेडकर के दिखाए रास्ते पर चलकर ही किया जा सकता है। जाति और धर्म के नाम पर लोगों को बांटे जाने की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि देश को कैशलेस नहीं कास्टलेस बनाए जाने की जरूरत है।
भेल में भारतीय अनुसूचित जाति एंपलाइज वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से आयोजित डा. भीमराव अंबेडकर जन्मोत्सव में भाग लेने आए डा. राजरत्न ने अमर उजाला से विशेष वार्ता कर थे। उन्होंने कहा कि जिस तरह से राजनीतिक दलों ने सत्ता प्राप्त करने के लिए डा. भीमराव अंबेडकर के नाम का प्रयोग किया। वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
हित साधने के लिए नाम का प्रयोग
उन्होंने कहा कि यहां देखने में ऐसा लगता है कि राजनीतिक दलों ने डा. अंबेडकर के नाम की फ्रेंचाइजी ले रखी है। हर दल अपना हित साधने के लिए उनके नाम का अपने तरीके से प्रयोग कर रहा है।
समाज को ऐसे लोगों को पहचानना होगा। पहले बसपा और अब भाजपा डा. अंबेडकर के नाम पर की जा रही राजनीति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं ने जिस तरह से लंदन स्थित डा. अंबेडकर का घर खरीदा, हालात उससे बदलने वाले नहीं है।
बेहतर होता कि सरकार महाराष्ट्र में स्थित उस स्कूल को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करती जहां से डा. अंबेडकर ने प्राथमिक शिक्षा प्राप्त की थी। इससे सभी को लाभ मिलता। आज समाज को कई आईएएस और पीसीएस अधिकारी मिल जाते। उन्होंने कहा कि यदि समाज नहीं जागा तो आने वाले दिनों में दलित नेतृत्व विहीन हो जाएंगे। यह स्थिति पूरे समाज के लिए बेहद खतरनाक होगी। हमें अपना नेता अपने ही बीच से चुनना होगा।