सीएए-एनआरसी के विरोध में सरकार के खिलाफ भीम आर्मी का हल्ला बोल, सड़कों प उतरकर किया प्रदर्शन
- प्रमोशन में आरक्षण, सीएए और एनपीआर के विरोध में बुलाया गया है बंद
- पुलिस ने बंद के मद्देनजर शहर को सेक्टर में बांटकर किए सुरक्षा प्रबंध
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सीएए और एनआरसी के विरोध में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने हरिद्वार और रुड़की में जमकर प्रदर्शन किया। भारत बंद के ऐलान को देखते हुए शहर से लेकर देहात तक भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है। पुलिस की भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं पर पैनी नजर रही।
कार्यकर्ताओं ने राजधानी देहरादून समेत रुड़की, मंगलौर, झबरेड़ा, कलियर, हरिद्वार और ज्वालापुर में जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान शहर से लेकर देहात तक पुलिस ने स्थिति को संभाला।
भीम आर्मी के प्रदेश अध्यक्ष महक सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार बनाए गए कानूनों को जबरन लोगों पर थोप रही है। लोगों के साथ ये जबरदस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर सरकार अपना फैसला नहीं बदलती तो कार्यकर्ता आंदोलन को तेज करेंगे।
देहरादून में भी पुलिस ने शहर को जोन और सेक्टरों में बांटकर संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी। पुलिस को हिदायत दी गई है कि जबरन बंद कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
हरिद्वार में आज चार मोर्चे पर जूझी पुलिस
आज रविवार का दिन हरिद्वार पुलिस के लिए किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं रहा। एक साथ हरिद्वार पुलिस चार अलग अलग मोर्चे पर जूझी। शनिवार को दिन भर एलआईयू से लेकर आला पुलिस अफसर सभी संगठन की मान मनौव्वल करने में लगे रहे और कोशिश होती रही कि वह अपने अपने आंदोलन टाल दें। तमाम कोशिशों के बाद भी कोई भी संगठन अपना कार्यक्रम स्थगित तैयार नहीं हुआ।
उत्तरी हरिद्वार क्षेत्र के निष्काम सेवा ट्रस्ट में चल रहे भाजपा के प्रशिक्षण शिविर में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत पहुंचे। सीएम की सुरक्षा व्यवस्था पर पुलिस का विशेष फोकस रहा। चंद्राचार्य चौक पर अनुसूचित जाति पिछड़ा वर्ग महासंघ के बैनर तले प्रदर्शनकारी एकत्र हुए। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया। गुरुकुल महाविद्यालय को लेकर चल रहे विवाद में दोनों गुट शहर भर में रैली निकाली। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक से जुड़े गुट ने सीधे हरकी पैड़ी की तरफ कूच किया।
अलग अलग स्थानों पर ज्ञापन की रणनीति आई काम
पिछली बार हुए हिंसक प्रदर्शन के कई बड़े कारण सामने आए थे। इसमें एक कारण तो यह था कि खुफिया विभाग की रिपोर्ट पर पुलिस प्रशासन ने गंभीरता से काम नहीं किया था, जिसके चलते रुड़की में हजारों की भीड़ पहुंच गई।
जबकि पुलिस कहीं दिखाई नहीं दे रही थी। वहीं इसके अलावा देहात क्षेत्रों के कार्यकर्ता धीरे धीरे रुड़की की ओर पहुंचने लगे उन्हें रास्ते रोकने की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। जिसके चलते रुड़की में जमा हुई भारी भीड़ के आगे प्रशासन बेबस हो गया।
जबकि रविवार को पुलिस प्रशासन ने जगह जगह एकत्र हुई भीड़ को आगे जाने से रोकने में कामयाबी पाई। जिसके चलते किसी प्रकार का बड़ा प्रदर्शन नहीं हुआ।