कोश्यारी की जीत से बन गया यह अनोखा रिकॉर्ड
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गढ़वाल संसदीय क्षेत्र के भाजपा प्रत्याशी भुवन चंद्र खंडूड़ी ने इस चुनाव में 184526 वोटों से चुनाव जीत कर हार जीत के अंतर मामले संसदीय क्षेत्र के अब तक इतिहास में नया रिकार्ड बनाने कामयाबी हासिल की है। उन्होंने इस बार अपने 1998 की जीत के रिकार्ड को भी पीछे छोड़ दिया है।
गढ़वाल संसदीय क्षेत्र से भक्त दर्शन ने 1951 से लेकर 1967 तक हुए लोक सभा चुनावों में 1967 के लोक सभा सर्वाधिक 59923 मतों से जीत दर्ज की थी।
1971 के लोक सभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी प्रताप सिंह ने 90224 मतों से चुनाव जीतकर नया रिकार्ड बनाया। इसके बाद 1977 के लोक सभा चुनाव में जनता पार्टी के जगन्नाथ शर्मा ने 104593 मतों से जीत दर्ज कर प्रताप के रिकार्ड को पीछे छोड़ दिया।
जगन्नाथ शर्मा की जीत रिकार्ड को पीछे कर दिया
1980 में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी हेमवती नंदन बहुगुणा ने 125440 मतों से चुनाव जीतकर जगन्नाथ शर्मा की जीत रिकार्ड को पीछे कर दिया।
1998 के लोक सभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी मेजर जनरल भूवन चंद्र खंडूड़ी ने 174947 मतों से जीत दर्ज करते हुए हेमवती नंदन बहुगुणा के रिकार्ड को भी पीछे कर दिया।
इस चुनाव में खंडूरी ने 184526 मतों जीत दर्ज कर संसदीय क्षेत्र के अब तक इतिहास में नया रिकार्ड बना लिया है।
उत्तराखंड ही नहीं, उत्तर प्रदेश के प्रत्याशियों से भी नैनीताल ऊधमसिंहनगर सीट पर भाजपा के भगत सिंह कोश्यारी सर्वाधिक मतों के अंतर से आगे रहे। मतगणना के मुताबिक कोश्यारी 2.84 लाख मतों से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी केसी सिंह बाबा को हराया।
पिछली बार पांचों सीट थी कांग्रेस की झोली में
पिछली बार प्रदेश की पांचों सीट कांग्रेस की झोली में गईं थीं जबकि सांसद विजय बहुगुणा के मुख्यमंत्री बनने पर हुए टिहरी उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी माला राज्यलक्ष्मी शाह की जीत के बाद यह आंकड़ा 4-1 हो गया था।
दोपहर 12 बजे तक रुझानों के मुताबिक नैनीताल ऊधमसिंहनगर सीट पर भाजपा के भगत सिंह कोश्यारी को अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी केसी सिंह बाबा से 207328 मतों से आगे चल रहे थे।
यह आंकड़ा प्रदेश की सभी पांच सीटों में सर्वाधिक है।