'नेहरू ने बाद में पश्चाताप किया था, राहुल के साथ भी वही होगा'
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने जेएनयू मामले में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए देश के प्रथम प्रधानमंत्री को भी निशाने पर लिया। जेएनयू विवाद पर राहुल के पैरवी करने पर उन्होंने कहा पं. नेहरू ने तिब्बत और कश्मीर मसले पर बाद में पश्चाताप किया था, कमोवेश वही स्थित राहुल गांधी के सामने भी आएगी। राहुल अभी उम्र में छोटे हैं। अपरिपक्वता के चलते राहुल ऐसा कर रहे हैं।
उन्होंने तल्ख तेवर में कहा कि पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने वालों का समर्थन करने वाले लोगों को देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी।
वहीं उत्तराखंड में नेता प्रतिपक्ष के चयन पर भाजपा सांसद ने कहा कि उत्तराखंड में बजट सत्र से पहले नेता प्रतिपक्ष की चुन लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने अर्द्धकुंभ के नाम पर हरीश रावत के धन मांगने पर भी सवाल उठाए।
कोश्यारी ने कहा कि अर्द्धकुंभ में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है, अन्य सुविधाएं अर्द्धकुंभ से पहले ही पूर्ण कुंभ में पूरी कर ली गई थीं। अब सीएम हरीश रावत किस लिए धन मांग रहे हैं।
आतंकियों से बात हो सकती है तो स्टूडेंट्स से क्यों नहीं: त्रिवेदी
तृणमूल कांग्रेस के सांसद और पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि जेएनयू की घटना निदंनीय है। इसकी तारीफ कोई नहीं कर सकता। पर पूरे जेएनयू को दोषी करार देना भी ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि देश बहुत मजबूत है।
चार लोगों के नारे लगाने से देश कमजोर नहीं हो सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार आतंकवादियों से बात कर सकती है तो जेएनयू के स्टूडेंट्स से बात क्यों नहीं की जा सकती।
आखिर कुछ युवा रास्ता भटक गए हैं तो उन्हें सही राह पर लाना सबका दायित्व है। उन्होंने कहा कि जेएनयू देश का प्रतिष्ठित संस्थान है। संस्था पर सीधे सवाल खड़ा करना गलत है। देश को जोड़ने की बात करनी चाहिए, तोड़ने की नहीं।