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Dehradun News: फर्जी सर्टिफिकेट देकर क्लर्क बना, नौकरी जाने के बाद मुकदमा दर्ज
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Iमहालेखाकार कार्यालय में नौकरी के लिए फर्जीवाड़ा करने का खुलासा
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I12वीं का जाली प्रमाणपत्र लगाया था
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Iराज्य के महालेखाकार कार्यालय से बर्खास्त हो चुके एक क्लर्क के खिलाफ 12वीं का फर्जी प्रमाणपत्र देने के आरोप में नेहरू कॉलोनी पुलिस ने बुधवार को धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। आरोपी को बीते जून माह में सेवा से बर्खास्त करके पुलिस कार्रवाई का अनुरोध किया गया था।
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Iमहालेखाकार कार्यालय में खेल कोटे के तहत ग्रुप-सी के पद पर क्लर्क की भर्ती प्रक्रिया के चलते एक अक्टूबर 2024 को अनुज रावत को अस्थायी नियुक्ति दी गई थी। उसने नियुक्ति के समय त्रिपुरा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने का प्रमाणपत्र जमा किया था। नियमानुसार दिसंबर 2024 में अनुज रावत के प्रमाणपत्र की सत्यता जानने के लिए त्रिपुरा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अगरतला को सूचना भेजी गई। शिक्षा बोर्ड ने 15 फरवरी 2025 को जवाब में बताया कि प्रमाणपत्र फर्जी है, क्योंकि यह उनके रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता है। 28 मई 2025 को दोबारा जांच कराई गई। त्रिपुरा बोर्ड और संबंधित विद्यालय ने फिर से पुष्टि की कि 2013 में अनुज रावत नाम का कोई छात्र वहां से परीक्षा में शामिल नहीं हुआ था।
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Iनौकरी गई और कानूनी कार्रवाई शुरू
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Iजांच में प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने के बाद अनुज को 26 जून को बर्खास्त कर दिया गया था। उप महालेखाकार मुकेश कुमार ने नेहरू कॉलोनी पुलिस स्टेशन को एक रिपोर्ट भेजी थी, जिसमें मोहनपुर माजरी माफी निवासी अनुज के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने का अनुरोध किया गया था।I
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I12वीं का जाली प्रमाणपत्र लगाया था
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Iराज्य के महालेखाकार कार्यालय से बर्खास्त हो चुके एक क्लर्क के खिलाफ 12वीं का फर्जी प्रमाणपत्र देने के आरोप में नेहरू कॉलोनी पुलिस ने बुधवार को धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। आरोपी को बीते जून माह में सेवा से बर्खास्त करके पुलिस कार्रवाई का अनुरोध किया गया था।
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Iमहालेखाकार कार्यालय में खेल कोटे के तहत ग्रुप-सी के पद पर क्लर्क की भर्ती प्रक्रिया के चलते एक अक्टूबर 2024 को अनुज रावत को अस्थायी नियुक्ति दी गई थी। उसने नियुक्ति के समय त्रिपुरा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने का प्रमाणपत्र जमा किया था। नियमानुसार दिसंबर 2024 में अनुज रावत के प्रमाणपत्र की सत्यता जानने के लिए त्रिपुरा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अगरतला को सूचना भेजी गई। शिक्षा बोर्ड ने 15 फरवरी 2025 को जवाब में बताया कि प्रमाणपत्र फर्जी है, क्योंकि यह उनके रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता है। 28 मई 2025 को दोबारा जांच कराई गई। त्रिपुरा बोर्ड और संबंधित विद्यालय ने फिर से पुष्टि की कि 2013 में अनुज रावत नाम का कोई छात्र वहां से परीक्षा में शामिल नहीं हुआ था।
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Iनौकरी गई और कानूनी कार्रवाई शुरू
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Iजांच में प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने के बाद अनुज को 26 जून को बर्खास्त कर दिया गया था। उप महालेखाकार मुकेश कुमार ने नेहरू कॉलोनी पुलिस स्टेशन को एक रिपोर्ट भेजी थी, जिसमें मोहनपुर माजरी माफी निवासी अनुज के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने का अनुरोध किया गया था।I
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