उत्तराखंड: अब पहाड़ी जिलों में भी हो सकेंगे बीसीसीआई के टूर्नामेंट, सीएयू ने शुरू की जमीन की तलाश
- पौड़ी का नाम सबसे ऊपर, उत्तरकाशी व रुद्रप्रयाग पर भी विचार, 2020 तक ग्राउंड तैयार करने का लक्ष्य
- बीसीसीआई उपाध्यक्ष महिम वर्मा की है महत्वाकांक्षी योजना, क्रिकेट को मैदान से पहाड़ी क्षेत्रों में ले जाना मकसद
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अब उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में भी बीसीसीआई के घरेलू टूर्नामेंट के मैच कराए जाएंगे। इसके लिए क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड (सीएयू) ने पहाड़ी जिले में क्रिकेट ग्राउंड तैयार करने की योजना बनाई है।
प्रयास है कि अगले सीजन तक इस क्रिकेट ग्राउंड को तैयार कर लिया जाए, ताकि साल 2020 या 2021 में यहां मैच कराए जा सकें। इसे बीसीसीआई के उपाध्यक्ष महिम वर्मा की महत्वाकांक्षी योजना बताया जा रहा है।
सूत्रों ने बताया कि सीएयू ने क्रिकेट ग्राउंड के लिए जमीन तलाशना शुरू कर दिया है। अभी तक उत्तरकाशी व पौड़ी जिले का नाम सबसे ऊपर चल रहा है। सीएयू अध्यक्ष जोत सिंह गुनसोला ने बताया कि रुद्रप्रयाग जिले के एक विधायक ने भी क्रिकेट ग्राउंड बनाने में रुचि दिखाई है।
अभी सीएयू की टीम सभी जिलों में जाकर क्रिकेट ग्राउंड की लोकेशन व स्थानीय सुविधाओं की स्थिति का निरीक्षण करेगी। इसके बाद उपयुक्त स्थान का चयन करके क्रिकेट ग्राउंड बनाया जाएगा।
गुनसोला ने बताया कि इसको बड़ी क्रिकेट एकेडमी के ग्राउंड की तर्ज पर विकसित किया जाएगा, जहां बीसीसीआई के घरेलू टूर्नामेंटों के मैच कराए जाएंगे। वहीं, इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए महिम खुद भी सक्रिय हैं। उन्होंने इसमें बीसीसीआई की तरफ से पूरा सहयोग करने का आश्वासन भी दिया है।
पौड़ी में सीएम ले सकते हैं रुचि
महिम वर्मा ने संकेत दिए हैं कि इसमें पौड़ी जिले का नाम सबसे ऊपर है। इसका कारण यह है कि सीएम का गृह जनपद होने के कारण पौड़ी में क्रिकेट ग्राउंड के विकास में सीएम भी रुचि ले सकते हैं। इसमें सरकार का भी पूरा सहयोग मिल सकता है। हालांकि, अभी यह सब शुरुआती चरण में है।
अब क्रिकेट सिर्फ देहरादून, हल्द्वानी जैसे मैदानी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगा। पहाड़ी क्षेत्रों में भी बीसीसीआई के मैच कराए जाएंगे। इसके लिए पहाड़ी जिलों में क्रिकेट ग्राउंड की तलाश शुरू कर दी गई है।
- महिम वर्मा, उपाध्यक्ष, बीसीसीआई