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अमिषा के जुनून के आगे हार गया 'पहाड़', 71 घंटे में माउंट एलब्रुश फतह कर दुनिया को दिया यह खास संदेश

Sat, 26 May 2018 09:36 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 26 May 2018 09:36 PM IST
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Mountaineer amisha chauhan climb Mount Elbrus in 71 hours
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देवभूमि की एक और होनहार बेटी अमीषा चौहान ने पर्वतारोहण के क्षेत्र में दुनिया में देश का लोहा मनवाया है। टिहरी गढ़वाल की धनौल्टी तहसील के भनस्वाडी गांव निवासी अमीषा चौहान ने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रस पर पर्वतारोहण कर नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। अमीषा ने मात्र 71.5 घंटे में माउंट एलब्रस चोटी पर चढ़ाई करके भारत की सबसे तेज पर्वतारोही होने का भी गौरव हासिल कर लिया है।  

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शनिवार को पर्वतारोही अमीषा चौहान ने प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता में बताया कि उन्होंने अपना अभियान चार मई को सुबह 11.35 बजे शुरू किया था। उन्होंने खराब मौसम, कम रोशनी, बर्फीली हवा और बर्फबारी के बीच उन्होंने चढ़ाई शुरू की।

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6 मई को सुबह 11.30 बजे माउंट एलब्रस को फतह कर लिया। जहां भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया। साथ ही बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के स्लोगन लिखे बैनर को भी माउंट एलब्रस पर प्रदर्शित किया।  
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Mountaineer amisha chauhan climb Mount Elbrus in 71 hours
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उल्लेखनीय है कि माउंट एलब्रस चोटी यूरोप और एशिया की सीमा पर जर्जिया देश के नजदीक है। यह कॉकेशस पर्वत की सबसे ऊंची चोटी है। दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों में इसका नंबर 10वां है। इसकी ऊंचाई 18510 फीट (5642 मीटर) है।  

अमीषा इससे पूर्व अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो को मात्र 54 घंटे में फतह करके एशिया बुक ऑफ  रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज करा चुकी हैं। अब उनका लक्ष्य दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह करने का है, जिसे वह साल 2019 में हासिल करना चाहती हैं। माउंट एवरेस्ट को फतह करने के लिए है वह ‘निम’ समेत देश के कई नामी पर्वतारोहण संस्थानों में प्रशिक्षण भी ले रही हैं।

आईटी कंपनी में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी कर चुकी अमीषा का मानना है कि साहसिक कार्यों के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। इसके लिए सरकार को भी कारगर कदम उठाने चाहिए। वह अपने इन साहसिक अभियानों की सफलता का श्रेय पिता लेफ्टिनेंट (सेवानिवृत्त) रविंद्र सिंह चौहान समेत अन्य परिजनों को देती हैं।

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