व्हील चेयर पर होने के बाद भी नहीं डिगा गरिमा का हौसला, मैराथन में 'दौड़' लगाकर बनीं टॉपर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बंगलूरू में एक सड़क हादसे में बुरी तरह घायल हुई एथलीट गरिमा जोशी ने दिल्ली में आयोजित एयरटेल दिल्ली हाफ मैराथन व्हील चेयर की ढाई किमी दौड़ में दूसरा स्थान हासिल कर साबित कर दिया कि जज्बा हो तो कोई मुसीबत आड़े नहीं आती। गरिमा का दिल्ली स्थित इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर में उपचार चल रहा है। उसका कमर से नीचे का हिस्सा काम नहीं कर रहा है। डॉक्टरों ने उसके ठीक होने में अभी समय लगने की संभावना जताई है।
गत दिनों दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित एयरटेल व्हील चेयर हॉफ मैराथन में भी गरिमा ने प्रतिभाग कर ढाई किमी मैराथन में हिस्सा लिया और 20 मिनट एक सेकेंड में उन्होंने दौड़ पूरी की और दूसरा स्थान हासिल किया। हाफ मैराथन में तमाम स्थानों के दिव्यांगों ने भी शिरकत की।
31 मई को बंगलूरू में अज्ञात वाहन ने मार दी थी टक्कर
चिलियानौला निवासी गरिमा जोशी ने इसी साल 27 मई को बंगलूरू में आयोजित 10 किमी की मैराथन दौड़ में टॉप 6 रैंक हासिल की थी। 31 मई को बंगलूरू में ही अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मारकर बुरी तरह घायल कर दिया था। इससे उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई थी। गरिमा के पैरों ने काम करना बंद कर दिया। उन्हें तत्काल बंगलूरू के मणिपाल अस्पताल ले जाया गया। यहां उपचार के बाद दिल्ली में भी उनका उपचार चला। रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन तो हुआ, लेकिन पांव ने काम करना बंद कर दिया है। वर्तमान में उनका दिल्ली स्थित इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर में उपचार चल रहा है।
पिता की मुसीबत नहीं हो रही कम
गरिमा के पिता पूरन जोशी की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पुत्री स्पाइनल इंजरी सेंटर में है, जबकि उनकी पत्नी आशा जोशी के पैर का कैंसर फिर बढ़ गया है। पूर्व में कैंसर के चलते पांव काटना पड़ा था। जोशी के बताया कि अब फिर से कैंसर फैल रहा है। उनका भी सफदरजंग अस्पताल में उपचार चल रहा है। वह स्वयं बेरोजगार हैं।
एथलीट गरिमा जोशी के उपचार का पूरा खर्च प्रदेश सरकार वहन कर रही है। प्रदेश सरकार ने अब तक 13.10 लाख रुपये उपचार के लिए प्रदान किए हैं। पिता पूरन जोशी ने इसके लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का आभार जताया है।