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IMA को देखते-देखते किसान का बेटा बन गया अफसर, पोते की कामयाबी पर दादी लगी दुलारने
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 09 Dec 2017 10:15 PM IST
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navneet with his grand mother
- फोटो : amar ujala
केंद्रीय विद्यालय एफआरआई में पढ़ाई के दौरान भारतीय सैन्य अकादमी की शानो-शौकत देखते-देखते त्यूनी का बेटा नवनीत सिंह राना सेना में अफसर बन गया।
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शनिवार को हुई आईएमए पीओपी से पासआउट होकर नवनीत सेना में लेफ्टिनेंट बने तो पूरा परिवार खुशी से झूम उठा। त्यूनी के अटाल गांव निवासी किसान रायपाल सिंह के लिए शनिवार का दिन बेहद खास था। मां अमृता राना भी बेहद खुश थीं। आईएमए से पासआउट होने के बाद नवनीत सिंह राणा को दुलारती दादी जामोदेवी।
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बेटा नवनीत सिंह राना सेना में अफसर बना तो पूरे गांव का सिर गर्व से ऊंचा हो गया। नवनीत ने बताया कि उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई केवि एफआरआई से की। वर्ष 2013 में यहां से पासआउट हुए थे। स्कूल के गेट के बगल में ही आईएमए का भी गेट है।
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यहां आते-जाते वह सेना के अधिकारियों को देखते तो उन्हें सेना में जाने की प्रेरणा मिली। 12वीं के बाद सेना में जाने का फैसला किया। एनडीए में कामयाबी मिल गई और एनडीए से आईएमए में एंट्री पाई। नवनीत का कहना है कि दुनिया में कोई काम मुश्किल नहीं है, बस जज्बा होना चाहिए। नवनीत का एक भाई पारितोष राना इंजीनियर है। वह अब 11 पैरा असम में ज्वाइन करेंगे।