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एवरेस्ट के बाद अब शिवलिंग चोटी को फतह करने की तैयारी में देवभूमि का बेटा

न्यूज डेस्क/अमर उजाला, उत्तरकाशी Updated Mon, 10 Sep 2018 07:36 AM IST
shivling peak
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एवरेस्ट पर तिरंगा लहरा चुके एवरेस्टर विष्णु सेमवाल ने अब शिवलिंग हिमशिखर को कैलाश मानसरोवर की तर्ज पर रोमांच के साथ ही धार्मिक पर्यटन से जोड़ने की कवायद शुरू की है। भगवान शिव के सबसे बड़े लिंग शिवलिंग हिमशिखर (6543 मीटर) की परिक्रमा का उनका यह प्रयास सफल रहा, तो आने वाले समय में गंगोत्री हिमालय में यह यात्रा रोमांच के शौकीन धार्मिक पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनेगी।
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वर्ष 2009 में महज 25 वर्ष की उम्र में एवरेस्ट पर सफल आरोहण करने वाले विष्णु सेमवाल लंबे समय से पर्वतारोहण से जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि गोमुख से तपोवन होते हुए शिवलिंग की परिक्रमा की जाएगी। तपोवन के बाएं छोर से शुरू होकर यह परिक्रमा कीर्ति, मेरू एवं गंगोत्री ग्लेशियर से होते हुए तपोवन के दाहिने छोर पर समाप्त होगी। परिक्रमा में करीब 12 से 15 दिन लगेंगे और यह ट्रैक समुद्र सतह से करीब 5500 मीटर ऊंचाई से होकर गुजरेगा।

इससे मेरू पर्वत (6660 मीटर) पर आरोहण का साउथ फेस का रास्ता भी खुलेगा। विधायक गोपाल रावत का कहना है कि गंगोत्री हिमालय क्षेत्र में शिवलिंग हिमशिखर को साक्षात शिव की मान्यता है। स्नो स्पाइडर ट्रैक एंड टूर एजेंसी के सचिव विष्णु सेमवाल ने इसकी परिक्रमा की योजना बनायी है। क्षेत्र के पर्यटन के लिहाज से योजना के महत्व को देखते हुए पर्यटन मंत्री से इस अभियान के लिए बजट उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
 

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