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ये बुजुर्ग दंपति दे रहे घरों में ही आर्गेनिक खेती का संदेश 

Fri, 25 Nov 2016 10:18 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 25 Nov 2016 10:18 AM IST
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Elderly couple delivering the message of organic farming
guava - फोटो : amar ujala

अगर आपके पास खेती के लिए जमीन नहीं है और घर भी बहुत बड़े क्षेत्रफल में नहीं है तो निराश न हों। आपको जैविक (बिना रासायनिक खादों की सब्जी-फल) उगाना है तो इनसे काफी कुछ सीखा जा सकता है।

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रिटायर्ड बैंक कर्मी सरदार जगमोहन सिंह अरोड़ा और उनकी पत्नी स्वर्ण कौर अपने लायक घर में सब्जी फल उगाने का जीती जागती मिसाल पेश करते हैं। घर की जमीन के साथ ही ये छत पर भी मौसमी सब्जी उगा रहे हैं।
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पश्चिमी पटेलनगर क्षेत्र में लखीशाह गुरुद्वारे के पास संजय कालोनी में निवास करने वाले बुजुर्ग घर में ही नवोन्मेषी पद्धति से आर्गेनिक खेती करने का संदेश देता है। 70 वर्षीय सरदार जगमोहन सिंह अरोड़ा और 68 वर्षीय स्वर्ण कौर भले ही बुजुर्ग हो गए हैं लेकिन सब्जी उत्पादन के नए नए तरीके खोजते रहते हैं।
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सरदार जगमोहन सिंह अरोड़ा बैंक की नौकरी के दौरान इस ओर कम ध्यान दे पाते थे लेकिन अब पूरा वक्त देते हैं। स्वर्ण कौर को यह शौक नहीं बल्कि जुनून है। वे बताती हैं कि बचपन से ही उन्हें खेती-बागवानी का जुनून रहा। बचपन देहरादून व इलाहाबाद में बीता जहां लोग घरों में गार्डेनिंग का शौक पालते थे।

इससे उन्होंने किशोरावस्था से ही घरों में सब्जी व फल उगाने शुरु कर दिया। इस समय जैविक खेती की बहुत बात हो रही है। अब तो यह एक फैशन हो गया है लेकिन उनका परिवार तो जैविक उत्पाद दशकों से उपभोग कर रहा है। अपनी छत पर स्वर्ण कौर गमलों, पुरानी टंकी और तार-बाड़ पर भी मौसमी सब्जियों की पैदावार कर रहे हैं।

इस समय बैंगन, मेथी, पालक, फ्रासबीन, टमाटर, मिर्च, धनिया, पुदीना, सरसो, मूली लगाया हुआ है। तार-बाड़-डंडी में जमकर करेला, लौकी, तोरई का उत्पादन करते हैं। उनके इस जुनून में उनका साथ श्रीमती कुसुम भी देती हैं। दोनों प्रफुल्लित होकर कहते हैं कि बीज भी वह खुद ही तैयार करते हैं। इनका कहना है कि हमें जापान से प्रेरणा लेकर होम गार्डेनिंग (सब्जी-फल उत्पादन) को आंदोलन का रूप देना होगा।


घर में है खास किस्म के अमरूद का पेड़ 
इनके घर में 25 साल पुराना अमरूद का पेड़ है। इसमें पाव से लेकर आधा किलो तक अमरूद पैदा होता है। दिखने में तो बेहद सुंदर है ही साथ ही बेहद स्वादिष्ट भी है।

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