फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   doctor sisters free health camp.

मिसाल बनी डॉक्टर बहनें: कुवैत से लौटीं गांव तो किया बेहतरीन काम

Sat, 12 Nov 2016 06:17 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, धारचूला (पिथौरागढ़)
ब्यूरो/ अमर उजाला, धारचूला (पिथौरागढ़) Updated Sat, 12 Nov 2016 06:17 PM IST
विज्ञापन
doctor sisters free health camp.
लोगों का इलाज करतीं बहनें - फोटो : AmarUjala

कुवैत से लौटकर पिथौरागढ़ स्थित अपने गांव सिर्दांग जा रही दो डॉक्टर बहनों बेहतरीन काम कर मिसाल पेश की है। दोनो ने यहां संयुक्त चिकित्सालय में मुफ्त चिकित्सा शिविर लगाकर सैड़कों महिलाओं का इलाज किया।

विज्ञापन


सिर्दांग गांव की डॉ. रश्मि ह्यांकी बख्शी और डॉ. भवानी ह्यांकी खुन्नू दस साल से कुवैत में स्त्री रोग और प्रसूति रोग विशेषज्ञ हैं। इस बार दोनों बहनें अपने गांव सिर्दांग जा रही हैं। सिर्दांग जाने से पहले उन्होंने यहां चिकित्सा कैंप लगाया।
विज्ञापन


दोनों बहनों ने कहा कि वे अब तक देश-विदेश में लोगों का इलाज कर चुकी हैं, लेकिन पहली बार अपने इलाके में अपनों के बीच आकर और उनका इलाज कर जिस सुख की अनुभूति हो रही है वह अन्यत्र नहीं मिल पाती।

विज्ञापन
विज्ञापन

स्थानीय अस्पताल के डॉक्टरों ने दिया सहयोग

doctor sisters free health camp.
doctor

उन्होंने बताया कि यहां आने से पहले दोनों ने आरईएस के अधीक्षण अभियंता धीरेंद्र खुन्नू से संपर्क साधा और उनके सहयोग से चिकित्सा कैंप लगाने का फैसला लिया। स्थानीय अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. कुसुम भट्ट ने कैंप में अल्ट्रासाउंड की सुविधा और स्टाफ उपलब्ध कराया।

कैंप में बड़ी संख्या में रोगियों के पहुंचने पर स्थानीय अस्पताल के डॉ. जगमोहन गर्ब्याल, डॉ. पूर्णिमा खुन्नू, डॉ. प्रियंका गर्ब्याल, डॉ. अनिल मार्छाल, डॉ. विजय फिरमाल, फार्मेसिस्ट देवेंद्र बोनाल, सामाजिक कार्यकर्ता महिराज गर्ब्याल, सेवानिवृत प्रधानाचार्य धनु खुन्नू आदि ने सुबह से ही मरीजों के पंजीकरण में मदद की।

हर बार आने पर शिविर लगाने का किया वादा

doctor sisters free health camp.
doctor

डॉ. रश्मि और डॉ. भवानी ने कहा है कि भविष्य में जब भी जन्मभूमि में आने का मौका मिलेगा. चिकित्सा कैंप जरूर लगाएंगी। एक दिवसीय इस कैंप को संपन्न कराने के बाद दोनों बहनें सिर्दांग गांव रवाना हो गई।

बताया कि वहां वे पूजा-पाठ करेंगी और अपने रिश्तेदारों तथा परिजनों से मिलेंगी। रं कल्याण संस्था के अध्यक्ष अशोक नबियाल, महिमन ह्यांकी, दीवान सिंह पतियाल आदि ने चिकित्सा शिविर लगाने के लिए दोनों बहनों का आभार जताया। कहा कि सीमांत के लोगों को कुशल चिकित्सकों का मार्गदर्शन मिला है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed