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सबसे कम उम्र में नंदादेवी कैंप पहुंचने वाले ट्रैकर बने चेतन, 11 दिन में पैदल तय किया 154 किमी सफर

Fri, 27 Oct 2017 09:08 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, पिथौरागढ़
ब्यूरो/ अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Fri, 27 Oct 2017 09:08 PM IST
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13 years chetan make record for nanda devi trekking in pithoragarh

नंदादेवी टूर एंड ट्रैक के संचालक बीरू बृजवाल के 13 वर्षीय पुत्र एवं विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के 8वीं कक्षा के छात्र चेतन बृजवाल ने काफी कम उम्र में मिलम और नंदादेवी बेस कैंप तक पहुंचने का रिकार्ड बनाया है।

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चेतन ने 11 दिन में 154 किमी पैदल दूरी तय की। इससे पहले वर्ष 2014 में पश्चिम बंगाल के हुगली के 14 वर्षीय तरुण भट्टाचार्य को नंदादेवी बेस कैंप पहुंचने में कामयाबी मिली थी।
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ब्रिटेन के एक्सोडस कंपनी के आठ सदस्यीय ट्रैकिंग दल के टीम लीडर ध्रुव जोशी और राजीव रावत के नेतृत्व में विद्या मंदिर के कक्षा आठ के छात्र चेतन बृजवाल को अंग्रेजी अनुवादक के तौर पर दल में शामिल किया गया था, लेकिन चेतन ने ट्रैकिंग में भी रिकार्ड कायम कर लिया।
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ट्रैकिंग दल 15 अक्तूबर को नंदादेवी बेस कैंप के लिए रवाना हुआ था। शुक्रवार को यह दल मुनस्यारी लौट आया। अंग्रेज ट्रैकरों को 13 साल के चेतन ने अपनी प्रतिभा से बेहद प्रभावित किया। चेतन ने बताया कि 154 किलोमीटर के इस सफर में कुछ स्थानों पर दिक्कतें भी आई।

13 years chetan make record for nanda devi trekking in pithoragarh

ठंड ज्यादा होने और ऊंचाई वाले स्थानों पर आक्सीजन की कमी होने से कई बार परेशानी हुई, लेकिन मजबूत इच्छाशक्ति और धैर्य से वह नंदादेवी बेस कैंप पहुंचने में सफल रहा। चेतन बृजवाल शिलारोहण, रिवर रॉफ्टिंग, कयाकिंग का प्रशिक्षण ले चुके हैं।

वह कुशल पर्वतारोही बनना चाहते हैं। चेतन ने बताया कि ताजा अभियान के दौरान उन्होंने विदेशी पर्यटकों को हिमालय बचाओ की शपथ दिलाई और 4100 मीटर की ऊंचाई पर सफाई अभियान भी चलाया।

लौटने पर विवेकानंद विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में शुक्रवार को चेतन बृजवाल का अभिनंदन हुआ। कार्यक्रम में चेतन के पिता बीरू बृजवाल और माता नीतू बृजवाल भी उपस्थित रहीं। प्रधानाचार्य भगत सिंह बोरा चेतन की उपलब्धि का सराहा है।

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