अर्द्धकुंभ: जिगजैग से निकाला दम, कई श्रद्धालु बिना स्नान वापस
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भीड़ और व्यवस्थाओं के लिहाज से तो अर्द्धकुंभ मेले का दूसरा स्नान सफल रहा लेकिन इस दौरान पुलिस की ओर से की गई पैदल यातायात की व्यवस्थाओं ने श्रद्धालुओं का दम फुला दिया। श्रद्धालुओं को हरकी पैड़ी तक पहुंचने के लिए कई-कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। श्रद्धालुओं और पुलिस के बीच नोकझोंक होती रही। परेशान होकर कई श्रद्धालु तो बिना स्नान किए ही वापस लौट आए।
भीड़ बढने पर पुलिस ने कई जगह यातायात की व्यवस्थाओं में बदलाव किया। शिवमूर्ति चौक से श्रद्धालुओं को तुलसी चौक होते हुए शंकराचार्य से रोड़ी बेलवाला शौल क्षेत्र से हरकी पैड़ी भेजा जा रहा था। इसके बाद भी उन्हें रोड़ी बेलवाला और इसके बाद मेला नियंत्रण कक्ष के पास बनाई गई बेरीकेडिंग के जिगजैग से होकर गुजरना पड़ रहा था।
ऐसे में कई बुजुर्ग और बच्चे तो काफी परेशान हो गए। कई यात्री नजर बचाते ही बेरीकेडिंग से निकलकर बाहर आने की कोशिश करते रहे जिस कारण उनकी पुलिसकर्मियों से नोकझोंक होती रही।
जबरन बंद कराए मंदिरों के कपाट, बिजली की गुल
हरिद्वार अर्द्धकुंभ मेले में भले ही हरकी पैड़ी से लेकर आसपास का पूरा क्षेत्र रंग बिरंगी रोशनी से नहा रहा हो लेकन मौनी अमावस्या स्नान पर्व पर तड़के चार बजे पुलिस ने जबरन मंदिरों की बिजली बंद करा दी। यही नहीं फिर कपाट भी बंद कर दिए गए। पुजारियों से पुलिस की नोंकझोंक भी हुई। सूर्यदेव के उदय होने पर ही पुलिस ने कपाट खोलने दिए तब ही श्रद्धालु दर्शन कर पाए।
सोमवार तड़क में हरकी पैड़ी समेत प्रमुख गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ने लगा था। हरकी पैड़ी पर भीड़ रुकने न पाए इसलिए ही पुलिस ने मंदिरों के कपाट बंद कराना शुरू किए। आनन फानन में बड़ी संख्या में पुलिसवाले सीधे मंदिरों की चौखट पर पहुंचने लगे और पुजारियों से मंदिरों के कपाट बंद करने को कहा। कई पुजारियों ने इसका विरोध भी करना चाहा लेकिन पुलिस के आगे उनकी एक न चली।
मंदिरों के कपाट ही बंद नहीं करवाए बल्कि बिजली भी बंदा करा दी गई ताकि श्रद्धालु वहां ठहर ही न पाए। पुलिस की इस कार्यशैली से पुजारी भड़कते रहे और पुलिस से उलझते रहे। उन्होंने मंदिरों के कपाट खोलने ही नहीं दिए। भोर होने पर ही पुजारियों ने मंदिरों के कपाट खोले तब कही जाकर श्रद्धालुओं ने मंदिरों में माथा टेका।