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यहां ट्रेनों की आवाज के बीच गूज रहीं शहनाइयां
मनीष चंद्र भट्ट/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 17 Apr 2014 01:38 PM IST
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ट्रेनों की आवाजों के बीच दून रेलवे स्टेशन पर अब शहनाइयां भी खूब गूंजेंगी। मुरादाबाद रेलवे मंडल अधिकारियों ने स्टेशन के रिजर्वेशन काउंटर के पास बने बारातघर के व्यावसायिक उपयोग का निर्देश दिया है।
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रेलकर्मियों को प्राथमिकता
बुकिंग में रेलकर्मियों को प्राथमिकता दी जाएगी। अब तक साज-सज्जा ठीक न होने से बारातघर का उपयोग नहीं हो रहा था। रेलकर्मी वर्षों से दून स्टेशन पर बारातघर के निर्माण की मांग कर रहे थे।
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दो साल पहले बारात घर का निर्माण शुरू हुआ। रिजर्वेशन काउंटर के पिछले हिस्से के प्लाट में करीब एक करोड़ रुपये की लागत से बारातघर बनाया गया। लेकिन बिजली, पानी के कनेक्शन न होने से करीब एक साल तक यह सफेद हाथी बना रहा।
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जनवरी 2014 में मुरादाबाद रेल मंडल के प्रबंधक (डीआरएम) सुधीर अग्रवाल ने बारातघर का उद्घाटन किया। लेकिन प्रचार-प्रसार के अभाव में यहां चार माह में सिर्फ तीन ही शादी हुईं, वे भी रेलकर्मियों और उनके परिजनों की थीं।
बारातघर से होंगे कई फायदे
अब रेलवे ने बारात घर का अधिक से अधिक व्यवसायिक प्रयोग करने के निर्देश दिए हैं। डीआरएम सुधीर अग्रवाल ने इसके लिए छह सदस्यों की समिति गठित की है। जो रेलकर्मियों को बारातघर से होने वाले फायदों की जानकारी देगी।
समिति के सदस्य उग्रसेन सिंह ने बताया कि फिलहाल मौजूदा और रिटायर्ड रेलकर्मियों व उनके पारिवारिक सदस्यों के लिए इसकी बुकिंग हो रही है। बाद में रेलवे की आय बढ़ाने के लिए इसे आम आदमी के लिए भी बुक कराए जाने की योजना है।
यह होगा बुकिंग खर्चा
दस हजार रुपए बुकिंग, एक हजार रुपए सफाई के लिए, तीन हजार रुपए बिजली का खर्च और पांच हजार रुपए सिक्योरिटी (रिफंडेबल)।
गूंजी शहनाई
रेलवे के बारात घर में बुधवार को भी करीब दो महीने बाद शहनाई गूंजी। इससे पहले फरवरी और जनवरी 2014 में दो रेलकर्मियों की बारातघर में शादी हो चुकी है।