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बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से 350 करोड़ अटके

Thu, 19 Dec 2013 11:47 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 19 Dec 2013 11:47 AM IST
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bank strike in dehradun

केंद्र की निजीकरण विरोधी नीतियों और विभिन्न मांगों के समर्थन में प्रदेशभर के बैंक कर्मचारी और अधिकारी कल हड़ताल पर रहे। अनुमान के मुताबिक हड़ताल के कारण करीब 350 करोड़ रुपए का लेनदेन अटक गया।

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यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियन के आह्वान पर बुलाई गई हड़ताल में सभी सरकारी बैंकों की दो हजार शाखाओं के कर्मचारी शामिल हुए। देहरादून में यूनियन के संयोजक जगमोहन मेंदीरत्ता के नेतृत्व में बैंक कर्मी राजपुर रोड स्थित आनंदम कांप्लेक्स परिसर में इकट्ठा हुए और घंटाघर तक जुलूस निकाला।
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ये रहे शामिल
जुलूस में बैंक कर्मियों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के विरोध में जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर सुरेश उपाध्याय, हरिओम नारंग, वीके जोशी, आरपी शर्मा, आरके गैरोला, समवंशी बड़थ्वाल, पीआर कुकरेती, रणवीर सिंह, विक्रम चौहान, राजन पुंडीर, जी शाह, अनिल जैन, पवन तलवाड़, सोहन सिंह रजवार, बीपी सुंदरियाल, राजेश सिंघल, विनय कुमार शर्मा, कमल तोमर, डीएन उनियाल, अनिल डंगवाल, मुरारी लाल नौटियाल आदि मौजूद रहे।
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विरोध का कारण
कर्मचारियों का कहना है कि केंद्र सरकार जबर्दस्ती बैंकों के निजीकरण को बढ़ावा दे रही है। इसके अलावा दसवें वेतन समझौते की अवधि समाप्त होने के बावजूद सरकार समझौता लागू नहीं कर रही है।

सरकार ने पांच दिवसीय कार्यदिवस की मांग खारिज कर दी है, जबकि आरबीआई सहित सभी केंद्रीय विभागों में यह नियम लागू है। बैंकों में अनुकम्पा के आधार पर नियुक्तियां बंद है।

कर्मचारियों ने नए बैंकिंग लाईसेंस जारी न करने, बैंक का विलीनीकरण न करने, डूबे हुए ऋणों के वसूलने के लिए कठोर कदम उठाने, बैंक डिफाल्टर्स की सूची प्रकाशित करने की मांग उठाई।

प्राइवेट बैंक भी प्रभावित
सरकारी बैंकों की हड़ताल के कारण निजी बैंकों में भी कामकाज प्रभावित हुआ। हड़ताल में सरकारी बैंकों के साथ केवल फेडरल और कर्नाटका बैंक के कर्मचारी ही शामिल थे।

बाकी प्राइवेट बैंक खुले तो रहे लेकिन सरकारी बैंकों से संबंधित कोई काम नहीं हो पाया। वहीं, बैंक बंद होने के कारण लोगों ने जरूरी लेनेदेन के लिए ऑनलाइन बैंकिंग का सहारा लिया।


नहीं जमा करा पाए शुल्क
इन दिनों एआईपीएमटी और जेईई मेन की आनलाइन आवेदन प्रक्रिया जारी है। यहां आनलाइन पेमेंट के अलावा बैंक चालान से भी परीक्षा शुल्क जमा करने का विकल्प है।

बुधवार को कुछ युवा जब एसबीआई मुख्य शाखा में शुल्क जमा कराने गए तो उन्हें निराश लौटना पड़ा। करनपुर निवासी अंकुर ने बताया कि वह अपने साथी विवेक, अनुराग के साथ चालान फार्म से शुल्क जमा कराने आए थे लेकिन हड़ताल के कारण शुल्क जमा नहीं हुआ।

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