आखिर फूट पड़ा बैंककर्मियों का गुस्सा, RBI के खिलाफ गरजे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रिजर्व बैंक की ओर से लगातार कैश उपलब्ध होने के दावे और कैशलेस बैंकों पर बढ़ रहे ग्राहकों के दबाव से अब बैंक कर्मचारी और अधिकारी परेशान हैं। बुधवार को सभी ने मिलकर पीएनबी एस्लेहॉल के सामने आरबीआई के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने चेताया कि यदि समय रहते कैश उपलब्ध न कराया गया तो वह उग्र आंदोलन करेंगे।
बुधवार को राजधानी में बैंकों के कर्मचारियों और अधिकारियों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि आरबीआई की कमी की वजह से उन्हें यह परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
उत्तरांचल बैंक इंप्लाइज यूनियन के महामंत्री जगमोहन मेंदीरत्ता और आल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के उत्तराखंड प्रभारी वीके जोशी ने कहा कि बीते 34 दिन से लगातार मेहनत कर रहे हैं, लेकिन रिजर्व बैंक के गुमराह करने वाले तथ्यों के कारण बैंक कर्मचारी आम जनता के उत्पीड़न, अपमान और गाली गलौच के पात्र बन रहे हैं।
बैंककर्मी कर रहे लेट नाइट ड्यूटी, पर मुआवजा नहीं
रिजर्व बैंक का कहना है कि सभी बैंकों में कैश पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल जुदा है। बैंकों में खासतौर से 500 और 100 रुपये के नोटों की सप्लाई ना के बराबर है। देश के 2,20,000 एटीएम में ज्यादातर या तो खराब हैं या फिर कैश न होने की वजह से बंद हैं।
सरकार की 24 हजार रुपये की घोषणा के हिसाब से बैंकों के पास कैश नहीं है। इस वजह से ग्राहक बदतमीजी, तोड़फोड़ कर रहे हैं। कर्मचारी और अधिकारी रात को 10 से 12 बजे या इसके बाद तक भी काम कर रहे हैं लेकिन उन्हें बदले में उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। यह भी अलग-अलग बैंकों में अलग-अलग दिया जा रहा है।
कैश की जानकारी सामने रखने की मांग
उन्होंने आरबीआई से जल्द ही कैश उपलब्ध कराने और हर बैंक को उपलब्ध कराए जा रहे कैश की जानकारी जनता के सामने रखने की मांग की है।
आरबीआई ने निजी बैंकों को काफी कैश उपलब्ध कराया है। इस वजह से कुछ बैंकों का नाम राष्ट्रविरोधी कार्यों में सामने आ रहा है। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनके नाम भी उजागर किए जाएं।
प्रदर्शन करने वालों में अनिल जैन, राजन पुंडीर, बीपी सुंद्रियाल, राजेश सिंघल, विनय कुमार शर्मा, डीएन उनियाल, मुरारी लाल नौटियाल, आरके गैरोला, एलएम बडोनी, सोहन सिंह रजवार, इंदर सिंह, उमेश क्षेत्री, बीके डबराल, टीसी पाठक, एलएम भट्ट, सीके जोशी आदि मौजूद रहे।