‘बैंक लोन नहीं दे रहे, आप कच्ची शराब बनाने की इजाजत ही दे दो’
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'बैंक तो लोन नहीं दे रहे हैं, आप कच्ची शराब बनाने की इजाजत ही दे दो।' इस तरह का हताशा भरा पत्र पौड़ी के कांडामल्ला गांव निवासी प्रियंका देवी ने सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज को लिखा है। उनका कहना है कि कोई भी बैंक उनके ऑर्गेनिक मसालों के प्रोजेक्ट के लिए लोन देने को तैयार नहीं है। किसी का कहना है कि उनके पास गारंटर नहीं है तो कोई इसके लिए सरकारी नौकरी की मांग रख रहा है।
प्रियंका का कहना है कि वह पहाड़ में ऑर्गेनिक मसाला उद्योग लगाने के लिए लोन मांगते-मांगते थक गई हैं। उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक से लेकर सहकारी बैंक तक चक्कर काट लिए। कोई भी अधिकारी उन्हें लोन देने को तैयार नहीं है। प्रियंका को इस प्रोजेक्ट के लिए 25 लाख रुपये के लोन की जरूरत है। सीएम और पर्यटन मंत्री को भेजे पत्र में प्रियंका ने कहा है कि वह सरकार से भी कई बार लोन के लिए निवेदन कर चुकी हैं। हर बार पैसा खर्च कर डॉक्यूमेंट की फाइल बनाकर जमा कराती हैं। बैंक वाले सरकारी गारंटी की मांग करते हैं। प्रियंका का कहना है कि जिसके घर में सरकारी नौकरी वाला कोई न हो तो उसे लोन कैसे मिलेगा।
उन्होंने सीएम से अपने गांव में कच्ची शराब बनाने की इजाजत मांगी है। उनका कहना है कि इसमें न तो कोई लोन की जरूरत होगी और न ही किसी और की मदद की। वह इस काम से अपना गुजारा चला लेंगी। कच्ची शराब के इस काम से वह दो-तीन लोगों को रोजगार भी दे देंगी। मामले की जानकारी मिलने के बाद पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के जनसंपर्क अधिकारी जय सिंह नेगी ने प्रियंका के पति इंद्र सिंह असवाल को फोन कर कोटद्वार में सहकारी बैंक के जीएम से मिलने को कहा। शनिवार को इंद्र सिंह, जीएम से मिले लेकिन उन्हें वही जवाब मिला। इससे पहले वह पौड़ी के मुख्य विकास अधिकारी और सतपुली के सहकारी बैंक के अधिकारियों से भी मिल चुके हैं, लेकिन लोन नहीं मिला।
एक करोड़ तक लोन में गारंटी की जरूरत नहीं
केंद्र सरकार के नियमों के हिसाब से उद्योग लगाने के लिए एक करोड़ रुपये तक के लोन में गारंटी की जरूरत नहीं है। उद्योग निदेशक सुधीर नौटियाल ने बताया कि एक करोड़ रुपये तक के प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार ने अलग से फंड बनाया हुआ है। इसके बावजूद कई बैंक अपनी सुरक्षा के लिए गारंटी मांगते हैं।
हम एक साल से लोन के लिए दौड़ रहे हैं। प्रोजेक्ट रिपोर्ट जमा कराते हैं, लेकिन कोई लोन नहीं दे रहा है। हमारा मकसद लोन से स्वरोजगार के साथ ही पांच-छह गांवों के लिए भी रोजगार पैदा करना है। सिस्टम से हताश होकर ही मेरी पत्नी ने सीएम और पर्यटन मंत्री को यह पत्र भेजा है।
- इंद्र सिंह असवाल, प्रियंका के पति
हमारे संज्ञान में मामला आया था। हमने अपने स्तर से दिशा निर्देश दिए। उद्योग विभाग के स्तर पर तो उनके प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिल गई है, लेकिन बैंक को 25 लाख रुपये का लोन देने के लिए गारंटर की जरूरत है। अब गारंटर तो उन्हें खुद ही लाना होगा।
-राय सिंह नेगी, पीआरओ, मंत्री सतपाल महाराज
मेरे पास मार्च के पहले सप्ताह में प्रियंका की लोन एप्लीकेशन आई थी। उन्होंने 25 लाख रुपये लोन मांगा है। यह लोन बैंक तभी दे सकते हैं, जब एक साल का टर्नओवर कम से कम एक करोड़ रुपये हो। मार्च के अंतिम सप्ताह में मैंने उनका लोन आवेदन रिजेक्ट कर दिया था।
-श्रीकांत नौगाई, पूर्व मैनेजर, एसबीआई जयहरीखाल