पूर्व सैनिक की बेटी ने सेल्फ स्टडी कर गाड़ा IAS में झंडा
- ढाई साल की सेल्फ स्टडी है बंदना की सफलता का राज
- गुजरात में ही सेवा करना चाहती हैं बंदना
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उत्तराखंड के पूर्व सैनिक की बेटी बंदना पोखरियाल ने सिविल सेवा परीक्षा में 83वीं रैंक हासिल करके प्रदेश में मान बढ़ाया है। 26 वर्षीय बंदना इन दिनों गुजरात में सेंट्रल एक्साइज इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। बंदना ने यह सफलता ढाई साल की सेल्फ स्टडी से हासिल की है।
मूलरूप से पौड़ी के बीरोंखाल निवासी सेना से रिटायर्ड जूनियर कमीशन ऑफिसर चंद्र शशि पोखरियाल और मंजू पोखरियाल की बेटी बंदना इन दिनों गुजरात के वापी में सेंट्रल एक्साइज इंस्पेक्टर पद पर तैनात हैं। फोन पर हुई बातचीत में बताया कि दूसरी बार में उन्हें यह कामयाबी हासिल हुई।
पिता के सेना में होने की वजह से उनकी पढ़ाई कई राज्यों में हुई। उन्होंने आर्मी स्कूल, रानीखेत से 11वीं और 12वीं की पढ़ाई की है। बंदना ने बताया कि तीन भाई-बहनों में वह सबसे बड़ी हैं। उनसे छोटे एक भाई और एक बहन हैं।
नौकरी में होने की वजह से नहीं कर पाई कोचिंग
वंदना ने भोपाल से बायोटेक में ग्रेजुएशन किया है। उन्होंने बताया कि यह उनका दूसरा प्रयास था। जॉब में होने की वजह से वह कोचिंग नहीं कर पाई। उन्होंने बताया कि वह सिविल सेवा से गुजरात में ही सेवा करना चाहती हैं। उनका पूरा परिवार दिल्ली में सैटल्ड है।
टॉपर टिप्स-
-प्री और मेंस की इंटिग्रेटेड एप्रोच होनी चाहिए।
-जैसे ही सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू करें तो इंटरव्यू को भी इस तैयारी का हिस्सा बनाकर चलें।
-गत वर्षों के सिविल सेवा के प्रश्न पत्र जितना ज्यादा हो सके, हल करने का प्रयास करें।
-अगर कोचिंग कर सकते हैं तो इससे गाइडेंस मिल सकती है।