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Uttarakhand: अशासकीय स्कूलों में शिक्षक भर्ती पर रोक, गड़बड़ी की शिकायतों के बाद विभाग ने लिया फैसला

Sun, 30 Oct 2022 09:24 AM IST
रेनू सकलानी बिशन सिंह बोरा , अमर उजाला, देहरादून
बिशन सिंह बोरा , अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sun, 30 Oct 2022 09:24 AM IST
सार

प्रदेश के अशासकीय स्कूलों में भर्ती को लेकर लगातार गड़बड़ी की शिकायतें आ रही हैं। जिसके चलते विभाग ने प्रदेश भर के इन स्कूलों में होने वाली भर्ती पर रोक लगा दी है। इन निर्देशों पर टिहरी, नैनीताल, अल्मोड़ा सहित कुछ जिलों में भर्ती रोक दी गई। हालांकि, देहरादून और हरिद्वार सहित कुछ अन्य जिलों में इसकी प्रक्रिया अब भी चल रही है।

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Ban on teacher recruitment in private schools Uttarakhand news in hindi
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala

विस्तार

प्रदेश के अशासकीय स्कूलों में प्रधानाचार्य और शिक्षकों की चल रही भर्ती प्रक्रिया पर शिक्षा विभाग ने अगले आदेश तक रोक लगा दी है। शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी के मुताबिक सोमवार को इस संबंध में लिखित आदेश जारी कर दिया जाएगा। 

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प्रदेश के अशासकीय स्कूलों में भर्ती को लेकर गड़बड़ी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। यही वजह है कि सरकार इन स्कूलों में नियुक्तियों के लिए कोई पारदर्शी विकल्प तलाश रही है। शिक्षा सचिव रविनाथ रमन की अध्यक्षता में इसके लिए समिति गठित की गई है।
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सरकार ने पहले निर्णय लिया गया था कि भर्ती के लिए चयन आयोग का गठन किया जाएगा लेकिन अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में भर्ती घपले सामने के बाद समिति अब नया विकल्प तलाश रही है। इस बीच विभाग ने प्रदेश भर के इन स्कूलों में होने वाली भर्ती पर रोक लगा दी है। शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी के मुताबिक अशासकीय स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है। 

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नहीं माने मौखिक आदेश
करीब एक महीने पहले हुई बैठक में शिक्षा महानिदेशक ने सभी जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारियों को भर्ती प्रक्रिया रोकने के मौखिक निर्देश दिए थे। शिक्षा सचिव रविनाथ रमन के मुताबिक शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत भी ऐसा निर्देश दे चुके हैं। इन निर्देशों पर टिहरी, नैनीताल, अल्मोड़ा सहित कुछ जिलों में भर्ती रोक दी गई। हालांकि, देहरादून और हरिद्वार सहित कुछ अन्य जिलों में इसकी प्रक्रिया अब भी चल रही है। इन जिलों के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें ऐसा कोई लिखित आदेश नहीं मिला था।

अधिकारियों का तर्क
अशासकीय स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा अधिनियम 2006 एवं विनियम 2009 में दी गई व्यवस्था के अनुसार होती है। शासन के लिखित आदेश के बिना इस पर रोक नहीं लगाई जा सकती। हरिद्वार जिले के मुख्य शिक्षा अधिकारी केके गुप्ता के मुताबिक उन्हें इस संबंध में अभी कोई लिखित आदेश नहीं मिला है। जिले में जूनियर हाईस्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए हैं। 

लिखित आदेश सोमवार को होगा जारी
अशासकीय स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है। इस संबंध में पहले भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे। यदि इसके बाद भी किसी जिले में शिक्षक भर्ती हो रही है तो संबंधित जिले के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। साथ ही सोमवार को इसका लिखित आदेश जारी कर दिया जाएगा। -बंशीधर तिवारी, शिक्षा महानिदेशक 

बोले शिक्षक नेता
शिक्षकों की भर्ती पर अघोषित रोक लगी है। कुछ स्कूलों में भर्ती हो रही है, जबकि कुछ में पद खाली होने के बाद भी इसे रोक दिया गया है। विभागीय अधिकारियों के पास भर्ती पर रोक का कोई लिखित आदेश नहीं है। -अनिल नौटियाल, जिला मंत्री उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ 

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शिक्षा महानिदेशक के भर्ती पर रोक के मौखिक आदेश से प्रदेश भर में शिक्षक भर्ती को लेकर असमंजस की स्थिति बनी है। कुछ जिलों के सीईओ बता रहे हैं कि भर्ती के लिए आयोग का गठन होते तक इसे रोका गया है। जबकि आयोग के गठन की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हो रही। -अनिल शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ 

  • शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित : प्रदेश भर में अशासकीय स्कूलों व कॉलेजों में शिक्षकों के 800 से अधिक पद खाली हैं। शिक्षकों की कमी के चलते पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है।
  •  पहले भी पकड़ी जा चुकी है धांधली : अशासकीय स्कूलों के शिक्षकों की भर्ती में मनमानी की शिकायतों के बाद कई शिक्षकों की सेवाएं समाप्त की जा चुकी हैं। जबकि कुछ शिक्षकों के मामलों में विभाग को कोर्ट के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
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