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अब देश की कोई भी यूनिवर्सिटी नहीं करवाएगी प्राइवेट परीक्षा
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 11 Aug 2017 02:39 PM IST
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यूजीसी
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देश में अब कोई भी विश्वविद्यालय प्राइवेट या अन्य किसी मोड में परीक्षाएं नहीं करा पाएंगे। केवल रेगुलर कोर्स या मुक्त शिक्षा ही चलेगी। इसके अलावा अब कोई भी बाहरी स्टडी सेंटर नहीं चलेंगे।
मुक्त विश्वविद्यालयों के स्टडी सेंटर केवल महाविद्यालयों में ही संचालित हो सकेंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।
यूजीसी के मुताबिक, उत्तराखंड सहित कई राज्यों में हर साल प्राइवेट परीक्षाएं आयोजित होती हैं। उत्तराखंड में श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय और कुमाऊं विश्वविद्यालय प्राइवेट परीक्षाएं कराता है। लेकिन अब कोई भी विश्वविद्यालय प्राइवेट परीक्षा आयोजित नहीं कर सकेगा। क्योंकि यूजीसी के अनुसार इस परीक्षा का कोई अस्तित्व नहीं है। दूसरी ओर, इग्नू सहित कोई भी मुक्त शिक्षा देने वाले विश्वविद्यालय अब बाहर स्टडी सेंटर नहीं बना सकेंगे।
इनके स्टडी सेंटर किसी भी राज्य या केंद्रीय विवि से संबद्ध महाविद्यालय में ही संचालित होगा। पहले से जो स्टडी सेंटर चल रहे हैं, उन पर नियमों के हिसाब से निर्णय लेना विवि के अधीन होगा। गत वर्ष उत्तराखंड में प्राइवेट परीक्षाएं बंद करने का फैसला हुआ था, लेकिन अभी इस संबंध में स्थिति क्लियर नहीं हुई है।
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मुक्त विश्वविद्यालयों के स्टडी सेंटर केवल महाविद्यालयों में ही संचालित हो सकेंगे। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है।
यूजीसी के मुताबिक, उत्तराखंड सहित कई राज्यों में हर साल प्राइवेट परीक्षाएं आयोजित होती हैं। उत्तराखंड में श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय और कुमाऊं विश्वविद्यालय प्राइवेट परीक्षाएं कराता है। लेकिन अब कोई भी विश्वविद्यालय प्राइवेट परीक्षा आयोजित नहीं कर सकेगा। क्योंकि यूजीसी के अनुसार इस परीक्षा का कोई अस्तित्व नहीं है। दूसरी ओर, इग्नू सहित कोई भी मुक्त शिक्षा देने वाले विश्वविद्यालय अब बाहर स्टडी सेंटर नहीं बना सकेंगे।
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इनके स्टडी सेंटर किसी भी राज्य या केंद्रीय विवि से संबद्ध महाविद्यालय में ही संचालित होगा। पहले से जो स्टडी सेंटर चल रहे हैं, उन पर नियमों के हिसाब से निर्णय लेना विवि के अधीन होगा। गत वर्ष उत्तराखंड में प्राइवेट परीक्षाएं बंद करने का फैसला हुआ था, लेकिन अभी इस संबंध में स्थिति क्लियर नहीं हुई है।
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नैक की अनिवार्यता
exam
अब स्टडी सेंटर जिस संस्थान में चलेगा उसका राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (नैक) से मान्यता प्राप्त होना जरूरी है। नैक केवल उन्हीं संस्थानों को मान्यता देता है, जो शैक्षिक और इन्फ्रास्ट्रक्चर के नजरिए से सुदृढ़ हों। इसके हिसाब से प्रदेश के चुनिंदा कॉलेजों में ही इग्नू या उत्तराखंड मुक्त विवि के स्टडी सेंटर हो सकेंगे।
मुक्त विवि ने लगाई स्टडी सेंटर पर पाबंदी
यूजीसी की अधिसूचना जारी होने के बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने नए स्टडी सेंटर खोलने पर पाबंदी लगा दी है। जो स्टडी सेंटर पहले से चल रहे हैं, उन्हें भी मानकों पर परखा जा रहा है।
इसके बाद ही वह आगे संचालित हो पाएंगे। इस वक्त यूओयू के प्रदेशभर में 237 स्टडी सेंटर हैं। यूओयू के मुताबिक, अब केवल विश्वविद्यालयों से संबद्ध कॉलेजों में ही स्टडी सेंटर खोले जाएंगे। इग्नू प्रदेश में पहले से ही इस पैटर्न पर काम कर रहा है।
मुक्त विवि ने लगाई स्टडी सेंटर पर पाबंदी
यूजीसी की अधिसूचना जारी होने के बाद उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने नए स्टडी सेंटर खोलने पर पाबंदी लगा दी है। जो स्टडी सेंटर पहले से चल रहे हैं, उन्हें भी मानकों पर परखा जा रहा है।
इसके बाद ही वह आगे संचालित हो पाएंगे। इस वक्त यूओयू के प्रदेशभर में 237 स्टडी सेंटर हैं। यूओयू के मुताबिक, अब केवल विश्वविद्यालयों से संबद्ध कॉलेजों में ही स्टडी सेंटर खोले जाएंगे। इग्नू प्रदेश में पहले से ही इस पैटर्न पर काम कर रहा है।