{"_id":"82128cea2eeed2fc5f71f22d290eb76c","slug":"bahuguna-cabinet-minister-in-harish-brigade","type":"story","status":"publish","title_hn":"बहुगुणा कैबिनेट से हरीश रावत ने बनाई अपनी 'ब्रिगेड'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बहुगुणा कैबिनेट से हरीश रावत ने बनाई अपनी 'ब्रिगेड'
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 02 Feb 2014 09:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आखिरकार हरीश रावत प्रदेश के आठवें मुख्यमंत्री बन ही गए। दिन भर चले हाई वोल्टेज ड्रामे का पटाक्षेप हरीश रावत के नाम पर सहमति बनने के साथ हुआ।
विज्ञापन
11 विधायकों ने कैबिनेट मंत्री के रूप में ली शपथ
शनिवार शाम को रावत ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। साथ ही बहुगुणा सरकार में मंत्री रहे 11 विधायकों ने भी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली।
पढ़ें, CM बनने के बाद रावत के सामने हैं चार चुनौती
विज्ञापन
शनिवार को बीजापुर में कांग्रेस के केंद्रीय नेताओं के साथ हुई विधानमंडल दल की बैठक में पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को दल का नेता नामित करने के लिए अधिकृत कर दिया। दस जनपथ से हरीश का नाम आते ही राजभवन को सूचना दे दी गई।
विज्ञापन
पढ़ें, हरीश रावत बने उत्तराखंड के नए सीएम
पहले तीन बजे तक का कार्यक्रम तय था लेकिन दल का नेता चुने जाने में हुए विलंब के कारण फिर साढ़े छह बजे का समय निर्धारित हुआ। राजभवन में आयोजित समारोह में केंद्रीय मंत्री हरीश रावत ने शाम 6 बजकर 40 मिनट पर राज्य के आठवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
पढ़ें, रावत जी! सपनों का सौदागर नहीं बाजीगर बनना होगा
कार्यक्रम लगभग सात बजे समाप्त हुआ और इसका संचालन मुख्य सचिव सुभाष कुमार ने किया। संभावना है कि मंत्रियों का पोर्टफोलियो कल जारी होगा।
कैबिनेट मंत्री के रूप में ली शपथ
इंदिरा हृदयेश, यशपाल आर्य, हरक सिंह रावत, सुरेंद्र सिंह नेगी, प्रीतम सिंह, अमृता रावत, दिनेश अग्रवाल, मंत्री प्रसाद नैथानी (निर्दलीय), प्रीतम सिंह पंवार (यूकेडी), हरीश चंद्र दुर्गापाल (निर्दलीय) और सुरेंद्र राकेश (बसपा)।
धनै हुए नाराज, पीडीएफ छोड़ा
कांग्रेस को समर्थन देने के एवज में कैबिनेट मंत्री न बनाए जाने से नाराज पीडीएफ सदस्य और टिहरी विधायक दिनेश धनै ने पीडीएफ से नाता तोड़ने की घोषणा कर दी। उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस सरकार को उनका समर्थन जारी रहेगा, लेकिन वह जीएमवीएन की कुर्सी भी छोड़ देंगे।