यहां रक्षाबंधन पर हर साल होती है पत्थरों की बारिश
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लोहाघाट स्थित मां बाराही धाम में सात अगस्त को सुबह 11 बजे स्पीकर गोविंद कुंजवाल 12 दिनी बग्वाल मेले का शुभारंभ करेंगे।
विशिष्ट अतिथि विधायक पूरन सिंह फर्त्याल होंगे। मंदिर के पीठाचार्य कीर्ति शास्त्री के अनुसार मेले की तैयारी पूरी कर ली गई है। बता दें कि हर साल यह मेला रक्षाबंधन के मौके पर आयोजित होता है।
श्रावणी पूर्णिमा को पत्थरों की वर्षा का एक विशाल मेला जुटता है। मेले में एक समूह पत्थरों से प्रहार करता है और दूसरा समूह फर्रे (ढाल) से खुद को बचाता है।
हापुड़, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बरेली, बदायूं आदि जगहों से जलेबी, खेल-तमाशे और अन्य व्यवसायियों के पहुंचने से रौनक बढ़ गई है।
रंगारंग कार्यक्रम होंगे आयोजित
मेले में नामी कलाकार रंगारंग कार्यक्रम पेश करेंगे। लोग बग्वाल युद्ध में शामिल होने के लिए नए फर्रे (ढाल) तैयार कर रहे हैं।
जिला पंचायत के विजय जोशी के अनुसार मेला क्षेत्र में नए व्यापारियों को लाइसेंस बनाना अनिवार्य होगा। लाइसेंस देवीधुरा के कैंप कार्यालय में बनेंगे।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगिता तिवारी ने बताया कि छह अगस्त को देवीधुरा में शिविर लगाया जा रहा है, जिसमें खाद्य पदार्थ विक्रेताओं के लाइसेंस मौके पर ही बनाए जाएंगे।
मेले को ऐतिहासिकता को लेकर मतांतर
खाद्य सुरक्षा अधिकारी के अनुसार बगैर लाइसेंस खाद्य पदार्थ बेचना दंडनीय अपराध होगा। आठ अगस्त को बहुउद्देश्यीय शिविर लगेगा।
नौ से 12 अगस्त तक देवीधुरा क्षेत्र के विद्यालयों में अवकाश रहेगा। इन विद्यालय भवनों का उपयोग मेले के दौरान आवासीय रूप में किया जाएगा।
मेले को ऐतिहासिकता कितनी प्राचीन है इस विषय में मत-मतान्तर हैं। लेकिन आम सहमति है कि नह बलि की परम्परा के अवशेष के रुप में ही बगवाल का आयोजन होता है।