Uttarakhand: बागेश्वर धाम वाले बाबा की विरोधियों को नसीहत, कहा- 'कायदे में रहेंगे तो फायदे में रहेंगे'
सोशल मीडिया पर पोस्ट एक वीडियो में उनका कहना है कि वे उत्तराखंड के संतों को बागेश्वर धाम में होने वाले आयोजन का आमंत्रण देने आए हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पिछले कई दिनों से चर्चा में आए मध्य प्रदेश के बाबा बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री उत्तराखंड पहुंचे हैं। सोशल मीडिया पर पोस्ट एक वीडियो में वे बता रहे है कि वे दो से तीन दिन की यात्रा पर हैं। इसकी कड़ी में वे उत्तराखंड आए हैं। उनका कहना है कि वे उत्तराखंड के संतों को बागेश्वर धाम में होने वाले आयोजन का आमंत्रण देने आए हैं। वहीं,उन्होंने आचार्य बालकृष्ण से मुलाकात भी की है। इस दौरान उन्होंने अपने विरोधियों को नसीहत भी दी। उन्होंने कहा कि 'मिलकर सनातन का झंडा गाड़िए, कायदे में रहेंगे तो फायदे में रहेंगे'।
Uttarakhand: भाजपा विधायक चुफाल को मिली जान से मारने की धमकी, कहा- 'गाजर-मूली की तरह काट दूंगा'
शुक्रवार को पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण के साथ बागेश्वर धाम सरकार के नाम से मशहूर धीरेंद्र शास्त्री यमकेश्वर पहुंचे। यहां उन्होंने पोखरी, माला और धमंद में पतंजलि के वेलनेस सेंटर और हर्बल गार्डन समेत विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली। इस दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने फेसबुक पर वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा का निर्वहन करने और साधु-संतों को प्रणाम करने वह उत्तराखंड आए हैं।
विभिन्न स्थानों का भ्रमण कर हिमालय दर्शन का आनंद ले रहे हैं। वह एक स्थान पर न ठहरते हुए लगातार यात्रा कर रहे हैं। धीरेंद्र शास्त्री ने अपने अनुयायियों को बागेश्वर धाम पागल संबोधित करते हुए कहा कि भारत गुण-रहस्य से भरा हुआ है। आयुर्वेद के ज्ञान से पूरे भारत को निरोगी काया देने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे आचार्य बालकृष्ण उनके साथ हैं आचार्य बालकृष्ण ने भी वीडियो में चुटकी लेते हुए कहा कि आजकल उनके अनुज धीरेंद्र शास्त्री पूरे देश में छाए हैं। सनातन और वैदिक परंपरा हमारा लक्ष्य है। उसी लक्ष्य के लिए धीरेंद्र शास्त्री भी काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री एक बड़े अनुष्ठान की तैयारी कर रहे हैं। यात्रा के दौरान हम कई संतों से मिले। हालांकि, ऋषिकेश में उनके किसी संत से मिलने की जानकारी नहीं है।
समृद्धशाली परंपरा है हिमालय का वनस्पति तंत्र
आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि हर्बल वर्ल्ड हिमालय के वनस्पति तंत्र का स्वरूप है। यह हर्बल वर्ल्ड भारत को समृद्धशाली परंपराओं, विश्व बंधुत्व और सनातन संस्कृति की ओर ले जाने का कार्य करेगा।
बाबा यहीं के थे, यहीं रहेंगे
आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि मुख्य दायित्वों का निर्वहन ही उनका (धीरेंद्र शास्त्री) मुख्य कर्तव्य है। बाबा (धीरेंद्र शास्त्री) तो यहीं हैं, यहीं थे और यहीं रहेंगे। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री से कहा कि हिमालय देखें और हिमालय जैसा बनें।
छतरपुर में 13 फरवरी से होगा कार्यक्रम
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वह 13 फरवरी से 19 फरवरी तक मध्य प्रदेश के छतरपुर में 121 बेटियों के विवाह (यज्ञ) की तैयारी कर रहे हैं। संतों को यज्ञ का निमंत्रण देने के लिए वह उत्तराखंड आए हैं।
मीडिया को साधुवाद, सच्चाई दिखाएं
धीरेंद्र शास्त्री ने वीडियो में मीडिया को सच दिखाने के लिए साधुवाद दिया। उन्होंने कहा कि सुविचार और विवेक का भावना रहनी चाहिए। राष्ट्रहित और सनातन उन्नति के लिए आप सच दिखाते रहो।
इस वजह से चर्चा में आए थे धीरेंद्र शास्त्री
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने नागपुर में रामकथा का आयोजन किया था, लेकिन रामकथा दो दिन के लिए घटा दी गई थी। इसके बाद महाराष्ट्र में अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति की ओर से धीरेंद्र शास्त्री को चुनौती दी गई थी। समिति ने आरोप लगाया था कि पंडित धीरेंद्र शास्त्री अंधविश्वास फैलाते हैं। दिव्य दरबार की आड़ में धीरेंद्र शास्त्री जादू-टोना को बढ़ावा देने के साथ धर्म के नाम पर लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं।
मन की बात बता देने का दावा करते हैं शास्त्री
पंडित धीरेंद्र शास्त्री पर्चे पर लिखकर लोगों की मन की बात बता देने का दावा करते हैं। उन्हें लेकर लोग दो धड़ों में बंट गए हैं। एक धड़ा मानता है कि बाबा के पास चमत्कारी शक्ति है, जबकि दूसरे धड़े का कहना है कि धीरेंद्र शास्त्री अंधविश्वास को फैला रहे हैं। ऐसे में वे कई दिनों से चर्चा में बने हुए हैं और सोशल मीडिया पर भी छाए हुए हैं।