बदरीनाथ हाईवे के लिए होगा सामूहिक आत्मदाह!
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बदहाल लामबगड़-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग की हालत न सुधरने पर क्षेत्रवासियों ने आत्मदाह की चेतावनी दी है।
दून पहुंचे आपदा संघर्ष समिति बदरीनाथ, बद्रीश पंडा पंचायत और व्यापार संघ बदरीनाथ के पदाधिकारियों ने रविवार को सुभाष रोड स्थित एक होटल में पत्रकार वार्ता में यह ऐलान किया। संघर्ष समिति के अध्यक्ष डॉ. जमना प्रसाद रैवानी ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग वर्ष 1997 से क्षतिग्रस्त है।
स्थानीय लोग 20 अगस्त से आंदोलनरत हैं। 10 सितंबर से बदरीनाथ में क्रमिक अनशन चल रहा है। अगर जल्द सरकार ने कोई ठोस निर्णय नहीं लिया तो स्थानीय नागरिक मशाल जुलूस, आमरण अनशन और आत्मदाह को मजबूर होंगे। इस दौरान पदाधिकारियों ने क्षेत्र के सांसद, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों पर भी उपेक्षा का आरोप लगाया।
कुछ इस प्रकार है प्रमुख मांगे
पत्रकार वार्ता में आपदा संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष विशेश्वर प्रसाद नैथानी, सदस्य आलोक पंवार, बद्रीश पंडा पंचायत के महासचिव बालकराम ध्यानी, पूर्व महासचिव मुकेश अलखनिया, व्यापार संघ के संरक्षक राधाकृष्ण भट्ट और बद्री विशाल चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष विनोद मोहन ध्यानी आदि मौजूद थे।
ये हैं प्रमुख मांगें
- सड़क निर्माण का काम युद्ध स्तर पर किया जाए।
- लामबगड़ भूस्खलन का स्थायी उपचार किया जाए।
- आपदा से भुखमरी के कगार पर आए लोगों को आजीविका का साधन मिले।
- सड़क के कार्य में संघर्ष समिति को विश्वास में लेने की मांग।