पढ़िए, बदरीनाथ हाईवे पर कहां हैं डेंजर जोन?
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बीते वर्ष की जल प्रलय के बाद से ही बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग परेशानी का सबब बना हुआ है। हाईवे पर कई नए डेंजर भी उभर कर आ गए हैं जहां थोडी सी बारिश में वाहनों के पहिये धम जा रहे हैं।
हाईवे जिले के गौचर से बदरीनाथ (136 किमी) तक कई स्थानों जानलेवा बना हुआ है। बीती मई माह में बेनाकुली और लामबगड़ भूस्खलन क्षेत्र में भारी बदरीनाथ के लिए भारी वाहनों की आवाजाही रोक ली गई थी।
बीते तीन माह में भी हाईवे की स्थिति जस की तस बनी हुई है। लाबैनाकुली, पातालगांग, टैयया पुल, पागल नाला, मैठाणा में स्थानों पर सीमा सडक संगठन (बीआरओ) द्वारा कई बार सुधारीकरण कार्य किया जा चुका है लेकिन रुकरुक कर हो भारी बारिश से हाईवे फिर बदहाल हाल में पहुंच जा रहा है।
सामरिक दृष्टि से भी है महत्वपूर्ण
बदरीनाथ हाईवे धार्मिक के साथ ही सामरिक दृष्टि महत्वपूर्ण है। इसी मार्ग से भारत-चीन (तिब्बत) पर मुश्तैद सेना के लिए रसद व जरुरी सामान पहुंचाया जाता है। लेकिन बार-बार बाधित हो रहे हाईवे पर सेना के भारी वाहनों की आवाजाही भी नहीं हो पा रही है।
बीते एक वर्ष से बदरीनाथ हाईवे बार-बार बाधित हो रहा है लेकिन अभी तक हाईवे का स्थाई ट्रीटमेंट नहीं हो पाया है। बदरीनाथ धाम आने वाले तीर्थयात्री भी कई मुश्किलों को पार कर बदरीनाथ धाम पहुंच रहे हैं। बदरीनाथ हाईवे को दुरूस्त किया जाना आवश्यक है।
-भुवन चंद्र उनियाल, धर्माधिकारी, बदरीनाथ मंदिर।
हाईवे के सुधारीकरण के लिए बीआरओ ने भारत सरकार को 15 करोड़ के प्रस्ताव वित्तीय स्वीकृति के लिए भेजे थे। अभी तक स्वीकृति नहीं मिल पाई है जबकि इस बार की बारिश से हाईवे कई नये स्थानों पर भी क्षतिग्रस्त हो गया है। हाईवे के सुधारीकरण के लिए हमने शासन-प्रशासन को भी पत्र लिखें हैं, ताकि आगामी वर्ष की यात्रा के लिए हाईवे को सुगम और सुचारु बनाया जा सके।
-नीलेश चंदाराना, कमांडर, बीआरओ, जोशीमठ।
हाईवे सुधारीकरण के लिए बदरीधाम में प्रदर्शन
जोशीमठ (चमोली)। बदरीनाथ हाईवे के सुधारीकरण की मांग को लेकर आपदा संघर्ष समिति ने बदरीनाथ धाम में जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया।
कहा गया कि बीते वर्ष की आपदा के एक वर्ष बाद भी बदरीनाथ हाईवे बदहाल पड़ा है, लेकिन राज्य और केंद्र की सरकार इस ओर लापरवाह बनी हैं। बदरीनाथ धाम और यात्रा पड़ावों पर व्यवसाय ठप हो गया है।
समिति ने इस संबंध में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री को ज्ञापन भेजा। कहा गया कि जब तक बदरीनाथ हाईवे के सुधारीकरण का कार्य शुरू नहीं किया जाता आंदोलन को बृहद रुप दिया जाएगा। आंदोलन में यात्रा मार्ग के व्यापारियों और स्थानीय लोगों का समर्थन लिया जाएगा।