भारी बारिश के बाद बदरीनाथ हाईवे बंद, गोविंदघाट में रोके गए 250 तीर्थयात्री
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रविवार रात को हुई मूसलाधार बारिश से बदरीनाथ हाईवे पागल नाला, गोविंदघाट और लामबगड़ में बंद हो गया। सोमवार दोपहर तक अन्य जगहों पर तो हाईवे खुल गया, लेकिन लामबगड़ में देर शाम तक भी हाईवे नहीं खुल पाया।
यहां पहाड़ी से पत्थर छिटक रहे हैं। ऐसे में पुलिस प्रशासन ने 250 तीर्थयात्रियों को पांडुकेश्वर और गोविंदघाट में रोक लिया है। लामबगड़ में हाईवे न खुलने से 123 तीर्थयात्री करीब तीन किलोमीटर पैदल चले और फिर वाहन से बदरीनाथ धाम पहुंचे। वहीं पागलनाला और गोविंदघाट में वाहनों की आवाजाही खतरनाक बनी है।
सोमवार को जोशीमठ क्षेत्र में हुई बारिश से हाईवे कई जगहों पर बाधित हो गया। गोविंदघाट में सुबह दस बजे और पागल नाले में सुबह साढ़े ग्यारह बजे वाहनों की आवाजाही सुचारु हो पाई। लामबगड़ में भारी मात्रा में बोल्डर और मलबा हाईवे पर आने से देर शाम तक भी वाहनों की आवाजाही सुचारु नहीं हो पाई है।
लामबगड़ क्षेत्र में दिनभर रुक-रुककर बारिश होती रही। गोविंदघाट थाना प्रभारी प्रदीप राठौर का कहना है कि लामबगड़ में बदरीनाथ हाईवे बाधित होने और गोविंदघाट में पहाड़ी से छिटक रहे पत्थरों को देखते हुए 250 तीर्थयात्रियों को गोविंदघाट, पांडुकेश्वर व अन्य स्थानों पर रोका गया है। हाईवे सुचारु होने पर तीर्थयात्रियों को बदरीनाथ धाम के लिए रवाना किया जाएगा।
बाल-बाल बचे बैंक मैनेजर
बदरीनाथ हाईवे पर गोविंदघाट के पास चट्टान से छिटके पत्थर की चपेट में आने से एक वाहन बाल-बाल बच गया। वाहन में बदरीनाथ में एसबीआई की शाखा के मैनेजर मदन लाल खनेड़ा व एक अन्य कर्मचारी थे। उनका वाहन भूस्खलन क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी चट्टान से पत्थर छिटकने शुरू हो गए। इस पर चालक ने किसी तरह वाहन को सुरक्षित दूसरे छोर पर पहुंचा दिया।
जोशीमठ-मलारी हाईवे सुचारु
तमक गदेरे के बहाव में बहे जोशीमठ-मलारी हाईवे पर बीआरओ ने वाहनों की आवाजाही सुचारु कर दी है। रविवार को गदेरे के बहाव में मलारी हाईवे का करीब चालीस मीटर हिस्सा बह गया था। साथ ही तमक गांव की दो दुकानें भी मलबे में क्षतिग्रस्त हो गई थीं।
सोमवार को बीआरओ ने तमक गदेरे में हाईवे पर पत्थर और मिट्टी का भरान कर शाम करीब तीन बजे हाईवे को वाहनों की आवाजाही के लिए खोला। वहीं जोशीमठ एसडीएम योगेंद्र सिंह ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने तमक गांव में दो आपदा प्रभावित परिवारों को तिरपाल भी दिए।