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बदरीनाथ चढ़ावा मामला: द्विवेदी का पलटवार; कहा- बदरी विशाल व बाबा केदार के दरबार में जवाब दें गोदियाल

Tue, 14 Jul 2026 10:27 PM IST
Alka Tyagi अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: Alka Tyagi Updated Tue, 14 Jul 2026 10:27 PM IST
सार

गणेश गोदियाल ने कहा कि बदरीनाथ व केदारनाथ करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। मंदिरों से संबंधित आरोपों पर बहस सड़क या किसी अन्य स्थान पर नहीं हो सकती है। गोदियाल आरोपों का जवाब बदरी विशाल व बाबा केदार के दरबार में आकर जवाब दें।

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Badrinath Donation Fraud Dwivedi hits back says Godiyal should answer in the courts of Badri Vishal Baba Kedar
बीकेटीसीअध्यक्ष हेमंत द्विवेदी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

विस्तार

बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण पर भाजपा-कांग्रेस के बीच सियासत गरमा गई है। कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के आरोपों व सार्वजनिक बहस से भागने के आरोप पर बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने पलटवार किया।

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उन्होंने कहा, बदरीनाथ व केदारनाथ करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। मंदिरों से संबंधित आरोपों पर बहस सड़क या किसी अन्य स्थान पर नहीं हो सकती है। गोदियाल आरोपों का जवाब बदरी विशाल व बाबा केदार के दरबार में आकर जवाब दें।
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द्विवेदी ने कहा, कांग्रेस अध्यक्ष गोदियाल का आरोप है कि आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को गणना ड्यूटी में बीकेटीसी अध्यक्ष ने नियुक्त किया। जबकि नौटियाल अप्रैल 2025 से गणना ड्यूटी में तैनात है। उस समय उनके पास बीकेटीसी अध्यक्ष का दायित्व नहीं था। बदरी-केदार मंदिर समिति अधिनियम के अनुसार मंदिर कोष से अन्य विकास कार्य नहीं कराए जा सकते हैं। बिनसर मंदिर व पोखरी का शिव मंदिर बीकेटीसी अधीन नहीं है।
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बदरीनाथ प्रकरण: द्विवेदी के आरोपों पर बोले गोदियाल, हमने तो मंदिर बनाने को पैसा दिया, चढ़ावा चोरी नहीं किया

इसके बावजूद भी गोदियाल के कार्यकाल में मंदिरों के जीर्णाेद्धार के लिए राशि दी गई थी। मंदिरों को राशि देने के लिए बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित करने की बात गोदियाल ने कही है, पर बोर्ड बैठक में तत्कालीन अध्यक्ष गोदियाल ने तीन लोगों की मौजूदगी में प्रस्ताव पारित कराया, उसके पूरे सबूत हैं। उन्होंने कहा बीकेटीसी में वैयक्तिक सहायक का पद 1983 से है लेकिन इस पर नियमों को ताक पर रख कर नौटियाल को पदोन्नति दी गई।

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