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पढ़िए, कैसे बंद होते हैं बदरीधाम के कपाट?

Wed, 26 Nov 2014 07:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गोपेश्वर
ब्यूरो/अमर उजाला, गोपेश्वर Updated Wed, 26 Nov 2014 07:38 PM IST
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badrinath dham kapat will closed Thursday.

बदरीनाथ धाम के कपाट आज बृहस्पतिवार को अपराह्न तीन बजकर 35 मिनट पर शीतकाल में श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाएंगे। बदरीनाथ के दर्शनों के लिए बुधवार को करीब 1500 तीर्थयात्री बदरीनाथ पहुंचे।

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बुधवार को धाम में रावल ईश्वरन नंबूदरी ने माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की। बृहस्पतिवार को बदरीनाथ के कपाट दिनभर खुले रहेंगे। कपाट बंद होने के उपलक्ष्य में बदरीनाथ मंदिर को चारों ओर से गेंदे के फूलों से सजाया गया है।
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दिल्ली के एक श्रद्धालु ने धाम में करीब 20 क्विंटल गेंदे के फूल भेजे हैं। बीकेटीसी के अनुसार कपाट बंद होने के दौरान करीब 2000 तीर्थयात्री यहां मौजूद रहेंगे।
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कपाट बंद होने से पूर्व यह प्रक्रिया होगी संपन्न
रावल मां लक्ष्मी की सखी के रुप में स्त्री वेश धारण कर लक्ष्मी जी को बदरीनाथ गर्भगृह में प्रवेश कराएंगे। इससे पूर्व गर्भगृह से भगवान उद्धव, कुबेर और गरुड़ की उत्सव मूर्तियों को चांदी की डोली में रखा जाता है। इस दौरान धृत लेप कंबल को भगवान बदरीविशाल और मां लक्ष्मी को ओढ़ाया जाएगा। इसी के साथ कपाट बंद कर दिए जाएंगे।

पढ़ें, कपाट बंद होने से पूर्व कब क्या होगा

badrinath dham kapat will closed Thursday.

बृहस्पतिवार तड़के 2.30 बजे- श्री बदरीनाथ जी का अभिषेक और फूलों से श्रृंगार।
3.00 बजे- श्री बदरीनाथ जी की पूजा शुरू होगी।
3.15 बजे- आम श्रद्धालुओं की ओर से श्री बदरीनाथ जी के दर्शन।
11.00 बजे- धर्माधिकारी और वेदपाठियों की ओर से स्वस्ति वाचन।
अपराह्न दो बजे- रावल की ओर से स्त्री वेश धारण कर मां लक्ष्मी को गर्भगृह में रखा जाएगा।
अपराह्न तीन बजकर 15 मिनट- बदरीनाथ जी के कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुरू।
अपराह्न 3.35 बजे- बदरीनाथ जी के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे।

वेद ऋचाओं का वाचन हुआ बंद
इससे पहले बदरीनाथ धाम में छह माह से गूंज रहे वेद ऋचाओं का वाचन मंगलवार से शीतकाल के लिए बंद हो गया। अब अगले वर्ष कपाट खुलने के बाद ही धाम में वेद ऋचाओं का वाचन शुरू होगा।

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