फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   badrinath dham kapat will closed on 27.

चलो जी, बाबा बदरीनाथ के दर्शन कर आएं...

Wed, 26 Nov 2014 12:56 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 26 Nov 2014 12:56 AM IST
विज्ञापन
badrinath dham kapat will closed on 27.

बदरीनाथ धाम की ग्रीष्मकालीन यात्रा अपने अंतिम दिनों में है। इन दिनों कपाट बंद के दौरान धाम पहुंचने वाले यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी आंकी जा रही है। विभिन्न प्रदेशों से श्रद्धालु भगवान विष्णु के दर्शनों को रवाना हो रहे हैं।

विज्ञापन


हालांकि, यह संख्या बीते वर्षों की तुलना में कम है, मगर श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। श्रद्धालु बायोमेट्रिक पंजीकरण के लिए बीटीसी कैंपस में निर्धारित काउंटर पर पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन


इस बार बदरीनाथ धाम के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए 27 नवंबर यानी बृहस्पतिवार को बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंद होने के दौरान अक्सर अन्य दिनों की तुलना में श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होता है। मंगलवार को भी उत्तरप्रदेश, मध्यमप्रदेश, उड़ीसा, हरियाणा आदि प्रदेशों से तीर्थनगरी पहुंचे और धाम के लिए रवाना हुए। इससे पहले श्रद्धालुओं ने बायोमेट्रिक पंजीकरण कराया।
विज्ञापन
विज्ञापन


पंजीकरण में लगी त्रिलोक सिक्योरिटी सिस्टम कंपनी के सूचना अधिकारी प्रेमानंद ने बताया कि मंगलवार को करीब सौ यात्रियों ने पंजीकरण कराया है। बताया कि सप्ताहभर पूर्व कुछ दिनों में एक भी यात्री बदरीनाथ नहीं गया, जबकि इस दिनों 50 से सौ यात्री रोजाना रवाना हो रहे हैं।

धाम में बंद हुआ वेद ऋचाओं का वाचन

badrinath dham kapat will closed on 27.

गोपेश्वर। श्री बदरीनाथ धाम में छह माह से गूंज रहे वेद ऋचाओं का वाचन मंगलवार से शीतकाल के लिए बंद हो गया। अब अगले वर्ष कपाट खुलने के बाद ही धाम में वेद ऋचाओं का वाचन शुरू होगा।

27 नवंबर तक बदरीविशाल की पूजा वेद ऋचाओं के बिना ही होगी। 27 नवंबर को बदरीनाथ मंदिर के कपाट बंद हो जाएंगे।

तड़के ही वेद पुस्तक, खड़ग पुस्तक और भागवत पुराण की पुस्तकें श्री बदरीनाथ धाम के गर्भगृह में रखी गईं। देर शाम पूजा-अर्चना के साथ पुस्तकें शीतकाल के लिए बंद कर दी गई हैं।

इससे पहले मंगलवार तड़के रावल केशवन नंबूदरी ने बदरीनाथ का शृंगार और अभिषेक किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed