बदरीनाथ-हेमकुंड यात्रा रुकी, दो सौ यात्री फंसे
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जोशीमठ/गोपेश्वर। बृहस्पतिवार को दोपहर साढे़ बारह बजे बदरीनाथ हाईवे पिनोला नामक स्थान पर चट्टान टूटने से अवरुद्ध हो गया है। ऐसे में बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा एक बार फिर बाधित हो गई है। हालांकि इससे पहले 70 तीर्थयात्री बदरीनाथ और 26 तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब के लिए रवाना हो गए थे।
हाईवे अवरुद्ध होने से हाईवे के दोनों ओर करीब दो सौ तीर्थयात्री फंसे हुए हैं। जिन्हें जिला प्रशासन ने जोशीमठ, गोविंदघाट और पांडुकेश्वर में रुकवा लिया है।
जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने बताया कि पिनौला में चट्टान का एक बड़ा हिस्सा टूटकर हाईवे पर आ गया है। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के मजदूर बोल्डरों को हटाने में लगे हुए हैं। उन्होंने देर रात तक हाईवे के खुल जाने की बात कही है। पिनोला गोविंदघाट से करीब दो किमी दूर है।
गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे बहाल
उत्तरकाशी। बारिश के साथ भूस्खलन के भी थमने के बाद यमुनोत्री और गंगोत्री हाईवे पर यातायात बहाल हो गया है। बृहस्पतिवार को 90 तीर्थयात्री यमुनोत्री धाम की यात्रा पर पहुंचे। वहीं गंगोत्री में 53 तीर्थयात्री और 185 कांवड़िये गए।
मौसम से थोड़ा राहत मिलने पर बीआरओ ने बृहस्पतिवार सुबह ही गंगोत्री हाईवे पर यातायात बहाल कर लिया। दिन भर यमुनोत्री और गंगोत्री हाईवे पर यातायात सुचारु रहा।
हालांकि कुछ दिनों से बंद पड़े जिले के 18 लिंक मार्गों में से करीब आधा दर्जन मार्गों पर अब भी यातायात बहाल नहीं हो पाया है। लोनिवि सड़क दुरुस्त कर यातायात बहाली के प्रयास में जुटा है।
केदारनाथ हाईवे आठ घंटे रहा ठप
गुप्तकाशी। केदारनाथ हाईवे फाटा के समीप खाट गांव में करीब आठ घंटे अवरुद्ध रहा। शाम चार बजे बीआरओ ने मार्ग को आवाजाही के लिए खोल दिया। खाट गांव में पिछले साल से भूस्खलन हो रहा है, जिससे यहां बार-बार यातायात अवरुद्ध हो रहा है।
16 जुलाई से यहां कई बार मार्ग बाधित हो चुका है। बृहस्पतिवार सुबह करीब आठ बजे यहां पर राजमार्ग भूधंसाव से ध्वस्त हो गया था। बीआरओ ने यहां कटिंग के लिए मशीन लगाई, लेकिन वह मलबे के बीच फंस गई।
बीआरओ ने बड़ी मशक्कत कर मशीन को बाहर निकाला। इसके बाद कटिंग और सफाई कर मार्ग को आवाजाही के लिए खोला गया। बीआरओ के द्वितीय कमान अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि शाम चार बजे मार्ग पर वाहनों का आवागमन चालू करा दिया गया है।
पौड़ी और केदारनाथ में रिमझिम बारिश
गढ़वाल। मंडल मुख्यालय पौड़ी में बृहस्पतिवार दोपहर तीन बजे के बाद रिमझिम बारिश शुरू हुई। मुख्यालय पौड़ी और आसपास के क्षेत्रों में वृहस्पतिवार दोपहर तीन बजे के बाद शुरू हुई बारिश देर शाम तक जारी रही। अचानक हुई बारिश से ऊंचाई वाले स्थानों पर हल्की ठंड है।
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ में सुबह से घने कोहरे के साथ ही बीच-बीच में रिमझिम बारिश हुई जबकि जिले के अन्य स्थानों पर बृहस्पतिवार को मौसम गुमसुम रहा। उत्तरकाशी में बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे तक जिला मुख्यालय क्षेत्र में 24 तथा डुंडा में 38 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
कर्णप्रयाग। बृहस्पतिवार को दिनभर बादल छाए रहे। इस दौरान दोपहर 12.30 बजे पांच मिनट के लिए बूंदाबांदी हुई। पिंडरघाटी और गैरसैंण में भी बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई।