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17 साल बाद दुर्गम जिंदगी होने जा रही 'सुगम'

Sun, 29 Mar 2015 12:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 29 Mar 2015 12:44 PM IST
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badly ill teacher transferred after 17 years.

करीब एक पखवाड़ा पहले कोटद्वार निवासी कुसुम काला की आंखों में आंसू थे। महंत इंद्रेश अस्पताल में बिस्तर पर पड़े गुर्दा रोग पीड़ित शिक्षक पति की ओर इशारा करते हुए उन्होंने शिक्षा विभाग की व्यवस्था पर सवाल उठाया था। कहा था, ‘हमारी कोई सिफारिश नहीं, इसलिए सुनवाई भी नहीं हो रही।’

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शनिवार को फिर उनकी आंखों से आंसू झरने लगे, लेकिन इन आंसुओं में दर्द नहीं, खुशी का अहसास छिपा था। खुशी ये कि 17 साल बाद उनके पति का दुर्गम स्कूल में तैनाती का वनवास खत्म हो गया था।
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उससे भी अधिक ये कि अब उनके पति को इलाज के लिए पौड़ी जिले के बीरोंखाल ब्लाक के राजकीय इंटर कालेज जसपुर से दून तक 329 किलोमीटर की दौड़ नहीं लगानी होगी। 16 मार्च को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद नींद से जागे शिक्षा विभाग ने कमलेश्वर प्रसाद काला को हाईस्कूल डोईवाला (देहरादून) से संबद्ध कर दिया है।
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अमर उजाला संवाददाता के जरिये यह जानकारी ज्यों ही कुसुम को मिली वह बोलीं, ‘धन्यवाद भैया। अमर उजाला ने मेरे पति की समस्या न उठाई होती तो जाने क्या होता।’

पांच साल से चल रहा इलाज, गुर्दा रोग से पीड़ित

badly ill teacher transferred after 17 years.

कमलेश्वर प्रसाद काला पांच साल से गुर्दा रोग से पीड़ित हैं। दो साल से उन्हें हर सप्ताह डायलिसिस के लिए बीरोंखाल से दून आना पड़ रहा था। मूलत: कोटद्वार निवासी काला की पत्नी कुसुम बताती हैं कि विभागीय अधिकारियों से लेकर शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री तक गुहार लगाने के बावजूद तबादला नहीं हो रहा था।

इससे काला की हालत लगातार बिगड़ रही थी। कुसुम कहती हैं कि घर में दो बेटियां हैं। पति के साथ दून में रहने के दौरान उनकी भी चिंता रहती थी। अब पूरा परिवार दून शिफ्ट हो जाएगा। काला जल्द स्कूल में ज्वाइन कर लेंगे।

चिकित्सा प्रमाणपत्र भी नहीं आया था काम
नई तबादला नियमावली के अनुसार अनुरोध के आधार पर तबादले के लिए राज्य चिकित्सा परिषद की ओर से जारी चिकित्सा प्रमाणपत्र लगाना होता है। 20 फरवरी 2014 को परिषद ने काला को दिए प्रमाणपत्र में उन्हें गंभीर रोगी बताया था। लेकिन, यह प्रमाणपत्र भी तबादला नहीं दिलवा सका था।

बोले शिक्षा निदेशक
शिक्षक को उपचार कराने में दिक्कत न हो इसके लिए बीमार शिक्षक को हाईस्कूल डोईवाला में संबद्ध करने के आदेश कर दिए गए हैं।
-रामकृष्ण उनियाल, अपर शिक्षा निदेशक गढ़वाल मंडल

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