काले धन के बाद अब नए मिशन पर बाबा रामदेव
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चुनाव से पूर्व काले धन के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाने वाले बाबा रामदेव अब देश भर में स्वदेशी की अलख जगाएंगे। बाबा रामदेव एक बार फिर से बहुराष्ट्रीय कंपनियों के विरुद्ध जमकर प्रचार करेंगे। स्वदेशी को अपनाने का आग्रह किया जाएगा। वर्ष 2015 से लगने वाले शिविरों में स्वदेशी का मुद्दा छाया रहेगा।
काले धन को मुद्दा बनाकर रामदेव ने वर्ष 2011 में पहली आवाज उठाई थी। दिल्ली के रामलीला मैदान कांड के बाद काला धन उनके हर शिविर का मुद्दा बन गया। बाबा पहले भी बहुराष्ट्रीय कंपनियों पर बरसते आए हैं। अब एक बार फिर से स्वदेशी का राग अलापा जाएगा और प्रधानमंत्री के ‘मेक इन इंडिया’ दौर में विदेशी वस्तुओं के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी।
योगगुरु रामदेव के मुताबिक इस देश का भला स्वदेशी अपनाने से हो सकता है। यह ठीक है कि बहुत से संगठन स्वदेशी का अभियान चलाते आए हैं। अब एक बार फिर से बहुराष्ट्रीय कंपनियों के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी।
बाबा रामदेव ने कहा कि कोला और पेप्सी के खिलाफ उन्होंने पहले भी कईं बार आवाज उठाई है। इसके लिए भारत स्वाभिमान आंदोलन पहले ही अभियान प्रारंभ कर चुका है। अब पतंजलि योगपीठ परिवार इस कार्य में लगकर भारतीय स्वाभिमान का झंडा बुलंद करेगा।
'देश की तरक्की में वैश्य का विशेष योगदान'
अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन का उद्घाटन अवसर पर योगगुरु बाबा रामदेव ने कहा कि देश की तरक्की में वैश्य समाज का बड़ा योगदान रहा है। समाज के लोगों ने देश विदेशों में अपना परचम लहराया है। तीन दिवसीय सम्मेलन पतंजलि योगपीठ में आयोजित किया जा रहा है।
शनिवार की शाम अंतरराष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के अध्यक्ष रामदास अग्रवाल, योगगुरु रामदेव, आचार्य बालकृष्ण, कोर के चेयरमैन यूसी जैन, भाजपा के पूर्व प्रदेश महामंत्री मयंक गुप्ता, मेयर मनोज गर्ग आदि ने दीप प्रज्ज्वलित कर सम्मेलन का उद्घाटन किया।
इस मौके पर योगगुरु बाबा रामदेव ने कहा कि वैश्य समाज कोई जाति नहीं, बल्कि पूरा समाज है। वैश्य शब्द वेद और भगवान शब्द है। पतंजलि के स्थापना में अनुष्ठान से लेकर शिखर तक वैश्य समाज का सबसे ज्यादा सहयोग रहा है। उन्होंने कहा कि देश की कुल आबादी में 18 प्रतिशत वैश्य है और योगदान 60 फीसदी है।
आह्वान किया कि वैश्य समाज को नशे व तामसिक भोजन से दूर रहने चाहिए। कहा कि देश से मैकाले शिक्षा व्यवस्था को ध्वस्त कर गुरुकुल एवं वैदिक शिक्षा को अपनाए। अंतरराष्ट्रीय वैश्य संस्थापक अध्यक्ष रामदास अग्रवाल ने कहा कि पूरे विश्व में अलग-अलग रहने वाले वैश्य समाज के लोगों को एकजुट कर वैश्य एकता मजबूत करें।
आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि वैश्य समाज ने सभी गुरुओं को अपना गुरु माना है और यहां पर एकत्रित होकर एकता का परिचय दिया है। इस मौके पर सम्मेलन के संयोजक मेयर मनोज गर्ग, प्रदेश महामंत्री उमेश अग्रवाल, प्रदेश अध्यक्ष सोहनलाल गुप्ता, अंतरराष्ट्रीय महामंत्री बाबूराम गुप्ता, कार्यकारी अध्यक्ष सुरेंद्र गुप्ता, सुशील सर्राफ, विनय गोयल आदि ने विचार रखे।
स्वच्छता को पांच करोड़ खर्च
रामदास अग्रवाल ने स्वच्छ भारत अभियान के तहत वैश्य समाज के राजीव मित्तल ने पांच करोड़ के डिस्पोजल गिलास रेलवे की सभी ट्रेनों में पानी के साथ निशुल्क वितरित करने का संकल्प लिया।
चार मेधावियों को एक-एक लाख
कार्यक्रम में चार मेधावियों जोकि आईएएस के प्री-एग्जाम में उत्तीर्ण हुए हैं उन्हें आगे की तैयारी को एक-एक लाख रुपये का चैक देकर सम्मानित किया। जिनमें विभोर अग्रवाल, दिनेश गुप्ता, शैलेंद्र कुमार जैन, मयंक गुप्ता को प्रदान किए गए।
विधायक ने लगाया उपेक्षा का आरोप
लक्सर विधायक संजय गुप्ता ने आरोप लगाया कि वैश्य सम्मेलन को कुछ लोगों ने निजी सम्मेलन बना लिया है। कहा कि बाहर से आने वाले लोगों का स्वागत करते हैं, लेकिन कुछ लोगों ने सम्मेलन को राजनीति का अड्डा बना दिया, उनकी निंदा करते हैं। उन्होंने जिले के कई लोगों के नाम गिनाते हुए कहा कि इन्हें सम्मेलन में बुलाया तक नहीं गया।
समाज से चुनकर आए जनप्रतिनिधियों तक को उपेक्षित किया गया है। वहीं श्री वैश्य महासभा पंचपुरी ने ज्वालापुर में बैठक कर पूर्व विधायक अम्बरीश कुमार, कुलदीप गुप्ता, प्रदीप चौधरी, विकास चौधरी, पराग गुप्ता, नीरज मंगल, अशोक अग्रवाल आदि ने आरोप लगाया कि उनकी उपेक्षा हुई है। इस मामले में संयोजक मयंक गुप्ता का कहना है कि सभी को कार्ड देकर आमंत्रण दिया गया था।