'मान' गए बाबा रामदेव, मोदी से की 'सीक्रेट' मीटिंग
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नरेंद्र मोदी के पीएम पद के शपथ ग्रहण समारोह में बाबा रामदेव के न पहुंचने के बाद इस बात की चर्चा होने लगी थी कि बाबा मोदी से नाराज हैं।
अब जब मोदी प्रधानमंत्री पद को विधिवत संभालकर अपना काम कर रहें हैं तो बाबा रामदेव ने उनसे मुलाकात की है।
पिछले महीने की 26 तारीख को शपथ लेने के बाद शुक्रवार को दिन में बाब रामदेव और बालकृष्ण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली जाकर मुलाकात की।
शाम को हरिद्वार लौटे बाबा रामदेव ने इसे शिष्टाचार की मुलाकात बताते हुए कहा कि इसका कोई एजेंडा नहीं था।
नहीं दिया बातचीत का ब्यौरा
बाबा रामदेव ने मोदी से बातचीत का ब्योरा देने से इंकार कर दिया। लेकिन चुनाव बाद योगगुरु रामदेव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच दूरियों की खबर पर इसे विराम देने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।
उधर, शाम को भाजपा के कद्दावर नेता और संघ के बेहद करीबी रामलाल ने पतंजलि पहुंचकर रामदेव का अभिनंदन किया।
रामलाल ने यह भी कहा बाबा के संगठन का लाभ पार्टी को मिला और भविष्य में भी पार्टी योगगुरु के संगठन का लाभ लेती रहेगी।
रामदेव ने किया था मोदी को पीएम पद के लिए प्रोजेक्ट
मोदी को पहली बार प्रधानमंत्री के तौर पर प्रोजेक्ट करने वाले योगगुरु स्वामी रामदेव ने उनके शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत नहीं की थी। तब माना जा रहा था कि रामदेव और मोदी के बीच किसी बात को लेकर नाराजगी चल रही है।
लेकिन शुक्रवार को स्वामी रामदेव ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर इस तरह की चर्चाओं पर विराम लगाने की कोशिश की है। हालांकि हरिद्वार में लौट कर बाबा की ओर से इस मुलाकात को
औपचारिक बताते हुए कहा गया कि यह केवल शिष्टाचार भेंट थी। मुलाकात का कोई विशेष एजेंडा नहीं था।
रामदेव के संगठन का लाभ मिला
शुक्रवार की शाम को भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) रामलाल ने पतंजलि योगपीठ पहुंचकर स्वामी रामदेव का अभिनंदन किया।
रामलाल ने कहा कि लोकसभा चुनाव में भाजपा को स्वामी रामदेव के संगठन का लाभ मिला है। भाजपा आगे भी विभिन्न अभियानों में रामदेव का मार्गदर्शन हासिल करती रहेगी।
राम लाल जैसे दिग्गज का पतंजलि में आकर चुनावों के लिए शुकराना जताना योगगुरु से भाजपा के नजदीकी संबंधों के सिलसिले को आगे बढ़ाने की कड़ी के रूप में भी देखा जा रहा है।