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रामदेव ने कांग्रेस से मिलाया दोस्ती का हाथ!

Fri, 24 Oct 2014 08:18 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 24 Oct 2014 08:18 AM IST
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baba ramdev and congress become closes.

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ देशभर में अभियान चलाने वाले योग गुरु बाबा रामदेव छोटी दिवाली के दिन उत्तराखंड में कांग्रेस सरकार के सहयोग गुरु की भूमिका में नजर आए।

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उत्तराखंड सरकार ने चारधाम और वर्ष भर चलाई जाने वाली यात्राओं की ब्रांडिंग के लिए रामदेव एंड कंपनी को सरकारी हेलीकॉप्टरों से केदारधाम भेजकर वहां पूजा-पाठ करवाया। यात्रा को ज्यादा से ज्यादा प्रचार मिले, इसके लिए दिल्ली से न्यूज चैनलों को भी बुलाया गया था।
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मुख्यमंत्री के खासमखास औद्योगिक सलाहकार रंजीत रावत मोदी के नवरत्नों में शामिल रामदेव और अन्य संतों को हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ से केदारनाथ ले गए। बदली भूमिका के बारे में सवाल दगे तो बाबा बोले-हरीश रावत ने पहल की तो हमने भी हाथ बढ़ा दिया।

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कांग्रेसी सीएम के बने विशेष मेहमान

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बाबा की यात्रा का कार्यक्रम मंगलवार देर रात बना। बाबा ने मुख्यमंत्री के निमंत्रण को एकाएक स्वीकार कर सभी को चौंका दिया। बुधवार सवेरे बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण दिल्ली से आए मीडिया के साथ केदारनाथ पहुंचे। बाबा ने तीर्थ पुरोहितों से भी वार्ता की।

केदारनाथ मंदिर में पूजा-पाठ के बाद मंदिर परिसर स्थित हवन कुंड में यज्ञ किया। करीब दो घंटे केदारनाथ में बिताने के बाद वह हरिद्वार लौट आए। बाबा के साथ हेलीकॉप्टर से जाने वालों में दक्षिण काली पीठाधीश्वर स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी, पूर्व पालिका अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी, बड़ा अखाड़ा उदासीन के महंत मोहन दास तथा शिवानंद भारती थे।

रामदेव ने केदारधाम में किए जा रहे विकास कार्यों की प्रशंसा की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलकर पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए अतिरिक्त धन दिलाने का आश्वासन भी दिया।

सोनिया के इशारे पर हुई पहल

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इस हैरतअंगेज घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं। बताते हैं कि पहल आलाकमान के इशारे पर हुई है। भाजपा के लिए प्रचार के वक्त तत्कालीन विजय बहुगुणा सरकार के दौरान बाबा के ट्रस्ट पर दर्जनों मुकदमे दर्ज किए गए थे। ऐसे में रामदेव जरूर चाहेंगे कि नई सरकार उनकी दिक्कतें दूर करे।

वैसे हरीश रावत का रुख शुरू से ही बाबा के प्रति नरम रहा है। सीएम के मीडिया प्रभारी सुरेंद्र कुमार का कहना है कि बाबा रामदेव की यात्रा के कोई मायने-मतलब नहीं निकाले जाने चाहिए। सरकार उनके माध्यम से धार्मिक यात्राएं पूरी तरह सुरक्षित हैं, यह मैसेज देना चाहती है।

भूलनी होगी पुरानी बातें
मुख्यमंत्री ने बड़प्पन दिखाया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। पुरानी बातें भुलाकर विकास कार्य में जुटना होगा। कांग्रेस ने उनके साथ जो किया उसका परिणाम भुगत लिया। हरीश रावत सज्जन व्यक्ति हैं। उनकी सरकार अच्छा काम कर रही है।
-बाबा रामदेव

हरीश रावत सूझबूझ वाले नेता है। यदि उनके कार्योँ से उत्तराखंड का विकास होता है, तो किसी को क्या एतराज।
-आचार्य बालकृष्ण।

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