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रामदेव एलोपैथी विवाद: उत्तराखंड में आज सरकारी और प्राइवेट डॉक्टरों ने काला फीता बांधकर किया काम

Tue, 01 Jun 2021 04:29 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 01 Jun 2021 04:29 PM IST
सार

बाबा रामदेव के बयान के बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर अब सरकारी डॉक्टर भी आईएमए के साथ आ गए हैं। आज प्रदेशभर में डॉक्टर काला फीता बांधकर काम करेंगे।

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Baba Ramdev Allopathy Dispute: Government And Private Doctors Doing Work with Carry black strip
काला फीता बांधकर काम करते डॉक्टर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेशभर में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ से जुड़े डॉक्टरों ने आज मंगलवार को काला फीता बांधकर काम किया। बाबा रामदेव के एलोपैथी और उससे जुड़े डॉक्टरों के खिलाफ दिए गए बयान के खिलाफ डॉक्टरों ने विरोध जताया। इसमें एम्स और सभी मेडिकल कॉलेजों के जूनियर डॉक्टर भी शामिल रहे।

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आईएमए के सचिव डॉ. अजय खन्ना ने बताया कि बाबा रामदेव के एलोपैथी को लेकर दिए गए बयान से सभी डॉक्टरों में गुस्सा है। आईएमए के साथ ही सभी सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेज, एम्स के जूनियर डॉक्टर भी विरोध में शामिल हुए।
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डॉ. खन्ना ने बताया कि पीएमएचएस डॉक्टरों ने भी उनको समर्थन दिया है। राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर पूरे देश में डॉक्टर काला फीता बांधकर ही काम कर रहे हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा। डॉ. अजय खन्ना ने कहा कि हमने बाबा को खुली बहस की चुनौती दी, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया है। हम अभी भी उनके जवाब का इंतजार कर रहे हैं।

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प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ(पीएमएचएस) के प्रदेश महासचिव डॉ मनोज वर्मा ने कहा कि बाबा रामदेव के बयान से डॉक्टरों का मनोबल गिरा है। डॉक्टर कोरोना संक्रमित मरीजों को ठीक करने में दिन रात जुटे हैं। ऐसे में बाबा रामदेव का एलोपैथी चिकित्सा पद्धति को लेकर दिया गया बयान निंदनीय है। वहीं, उन्होंने सरकार पर हमला बोलते ह़ुए कहा कि सरकार भी इस मामले में कुछ नहीं कर रही है। इसलिए उन्होंने सभी सरकारी चिकित्सकों से अपील की कि वे भी आईएमए के आंदोलन में अपना समर्थन दें। 

इसलिए शुरू हुआ था विवाद

हाल ही में बाबा रामदेव का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने एलोपैथी को मूखर्तापूर्ण विज्ञान बताया था। उन्होंने कहा था कि टीके लगवाने के बाद भी कई डॉक्टरों की मौत हो गई। उनके इस बयान पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने कड़ा एतराज जताते हुए माफी की मांग की थी।

आईएमए भेज चुका एक हजार करोड़ का नोटिस
बाबा रामदेव के बयान के बाद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन उत्तराखंड की ओर से बाबा रामदेव को एक हजार करोड़ का मानहानि का नोटिस भी भेज चुका है। वहीं, यह मामला अब पीएम मोदी तक भी पहुंच गया है।

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