फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Ayushman scheme, biometric referral system restored in treatment for golden card holders

आयुष्मान योजना : गोल्डन कार्ड धारक ध्यान दें, इलाज को लेकर अब अस्पतालों में शुरू हो गई ये व्यवस्था

Thu, 07 Apr 2022 10:09 AM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Thu, 07 Apr 2022 10:09 AM IST
सार

अब योजना में सूचीबद्ध 240 सरकारी और निजी अस्पतालों में गोल्डन कार्ड धारक मरीजों को भर्ती करने से बायोमैट्रिक लगानी जरूरी होगी। इससे यह पता लग जाएगा कि जिस पात्र व्यक्ति का गोल्डन कार्ड बना है, उसी व्यक्ति का इलाज किया जा रहा है।

विज्ञापन
Ayushman scheme, biometric referral system restored in treatment for golden card holders
आयुष्मान कार्ड - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

आयुष्मान भारत और राज्य अटल आयुष्मान योजना में गोल्डन कार्ड धारक मरीजों के इलाज के लिए बायोमैट्रिक और रेफरल व्यवस्था को बहाल किया गया। अब अस्पतालों में भर्ती होने वाले गोल्डन कार्ड धारक मरीज की बायोमैट्रिक की जाएगी। साथ ही निजी अस्पतालों में इलाज कराने के लिए सरकारी अस्पतालों से रेफर की व्यवस्था रहेगी।

विज्ञापन


कोविड महामारी के दौरान राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने गोल्डन कार्ड धारक मरीजों को इलाज कराने में बायोमैट्रिक और रेफर करने की व्यवस्था में छूट दी थी। कोरोना संक्रमण थमने के बाद प्राधिकरण ने बायोमैट्रिक और रेफरल की व्यवस्था को फिर से बहाल कर दिया है।
विज्ञापन


अब योजना में सूचीबद्ध 240 सरकारी और निजी अस्पतालों में गोल्डन कार्ड धारक मरीजों को भर्ती करने से बायोमैट्रिक लगानी जरूरी होगी। इससे यह पता लग जाएगा कि जिस पात्र व्यक्ति का गोल्डन कार्ड बना है, उसी व्यक्ति का इलाज किया जा रहा है। योजना में यह भी व्यवस्था है कि गोल्डन कार्ड धारक मरीज को निजी अस्पताल में इलाज कराने के लिए सरकारी अस्पताल से रेफर किया जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें..तीन मई से चारधाम यात्रा:  केदारनाथ आने वाले यात्रियों के लिए खुशखबरी, पढ़िए हेली सेवा से जुड़ी यह अहम जानकारी 

संक्रमण थमा, व्यवस्थाएं बहाल

राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अध्यक्ष डीके कोटिया का कहना है कि आयुष्मान योजना में पारदर्शिता के लिए बायोमैट्रिक और रेफरल की व्यवस्था है। कोविड महामारी के दौरान अस्पतालों में भीड़ को कम करने के लिए बायोमैट्रिक और रेफरल व्यवस्था में छूट दी गई थी। अब कोरोना संक्रमण थम गया है। जिससे दोनों व्यवस्था को फिर से बहाल कर दिया गया है। 
 

योजना में सूचीबद्ध होने के लिए अस्पतालों की नहीं चलेगी मनमर्जी

आयुष्मान योजना में पसंदीदा स्पेशयलिटी की सेवाएं देने के लिए निजी अस्पतालों की मनमर्जी नहीं चलेगी। वर्तमान में प्रदेश के 240 अस्पताल योजना में सूचीबद्ध हैं। जिसमें 134 निजी अस्पताल शामिल हैं लेकिन कई बड़े अस्पतालों ने योजना में एक या दो स्पेशयलिटी की सेवाओं के लिए सूचीबद्ध किया है। जबकि अस्पताल में अन्य कई स्पेशयलिटी संचालित हो रही है। लेकिन अब राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की ओर से ऐसे अस्पतालों को योजना से बाहर किया जा रहा है। योजना में सूचीबद्ध होने वाले अस्पतालों को सभी उपलब्ध स्पेशयलिटी गोल्डन कार्ड धारक मरीजों को उपलब्ध करानी होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed