{"_id":"6a25da391e184a3f0105f047","slug":"ayurveda-doctors-to-launch-agitation-today-for-pending-demands-dehradun-news-c-5-drn1043-989689-2026-06-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: लंबित मांगों के लिए आयुर्वेद\nडॉक्टरों का आज से आंदोलन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: लंबित मांगों के लिए आयुर्वेद डॉक्टरों का आज से आंदोलन
विज्ञापन
-आठ से 10 जून तक काली पट्टी बांध कर करेंगे सांकेतिक विरोध
-13 जून को ओपीडी का बहिष्कार कर जिला मुख्यालयों पर करेंगे धरना प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड राजकीय आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ ने चिकित्साधिकारी संवर्ग की वर्षों से लंबित मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन का एलान किया है। आठ से 10 जून को आयुर्वेद डॉक्टर काली पट्टी बांध कर सांकेतिक विरोध करेंगे। 13 जून को ओपीडी का बहिष्कार कर जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. नीरज कोहली, महासचिव डॉ. हरदेव सिंह रावत ने कहा, शासन व विभागीय अधिकारियों के समक्ष अनेक बार लंबित मांगों पर वार्ता के बावजूद अभी तक सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया। आयुष विभाग में कार्यरत चिकित्साधिकारी वर्षों से विभागीय उपेक्षा का सामना कर रहे हैं। संघ का आरोप है कि विभागीय निदेशक की नियुक्ति, एसीपी के लंबित प्रकरण, डीएसीपी का लाभ, विभागीय ढांचे का पुनर्गठन, पदोन्नति के अवसरों का विस्तार, अध्ययन अवकाश संबंधी विसंगतियां, स्थायीकरण व आधार आधारित बायोमीट्रिक, मोबाइल एप आधारित उपस्थिति व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं लगातार लंबित पड़ी हुई हैं। आयुर्वेद डॉक्टर राज्य के पर्वतीय, सीमांत व दुर्गम क्षेत्रों में विपरीत परिस्थितियों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। इसके बावजूद सेवा हितों से जुड़े मामलों की लगातार अनदेखी की जा रही है।
वर्ष 2022 में कैबिनेट से स्वीकृत डीएसीपी लाभ का देने पर आज तक शासनादेश जारी नहीं हुआ है। प्रदेश के अधिकांश आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सालय पर्वतीय व दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित हैं, जहां नेटवर्क, इंटरनेट कनेक्टिविटी व तकनीकी संसाधनों की गंभीर समस्याएं बनी रहती हैं। ऐसी परिस्थितियों में मोबाइल एप आधारित उपस्थिति व आधार आधारित बायोमीट्रिक व्यवस्था को वेतन आहरण से जोड़ना अव्यवहारिक है। संघ ने निर्णय लिया कि 11 व 12 जून 2026 को ओपीडी सेवाएं जारी रहेंगी, लेकिन विरोध स्वरूप आंदोलनात्मक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। 15 जून से प्रदेशभर में आयुर्वेद डॉक्टर पूर्ण कार्य बहिष्कार कर आयुर्वेद निदेशालय में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू करेंगे। संघ की ओर से आंदोलन के संबंध में आयुष सचिव को पत्र भेजा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
-13 जून को ओपीडी का बहिष्कार कर जिला मुख्यालयों पर करेंगे धरना प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड राजकीय आयुर्वेद एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ ने चिकित्साधिकारी संवर्ग की वर्षों से लंबित मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन का एलान किया है। आठ से 10 जून को आयुर्वेद डॉक्टर काली पट्टी बांध कर सांकेतिक विरोध करेंगे। 13 जून को ओपीडी का बहिष्कार कर जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. नीरज कोहली, महासचिव डॉ. हरदेव सिंह रावत ने कहा, शासन व विभागीय अधिकारियों के समक्ष अनेक बार लंबित मांगों पर वार्ता के बावजूद अभी तक सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया। आयुष विभाग में कार्यरत चिकित्साधिकारी वर्षों से विभागीय उपेक्षा का सामना कर रहे हैं। संघ का आरोप है कि विभागीय निदेशक की नियुक्ति, एसीपी के लंबित प्रकरण, डीएसीपी का लाभ, विभागीय ढांचे का पुनर्गठन, पदोन्नति के अवसरों का विस्तार, अध्ययन अवकाश संबंधी विसंगतियां, स्थायीकरण व आधार आधारित बायोमीट्रिक, मोबाइल एप आधारित उपस्थिति व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं लगातार लंबित पड़ी हुई हैं। आयुर्वेद डॉक्टर राज्य के पर्वतीय, सीमांत व दुर्गम क्षेत्रों में विपरीत परिस्थितियों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। इसके बावजूद सेवा हितों से जुड़े मामलों की लगातार अनदेखी की जा रही है।
विज्ञापन
वर्ष 2022 में कैबिनेट से स्वीकृत डीएसीपी लाभ का देने पर आज तक शासनादेश जारी नहीं हुआ है। प्रदेश के अधिकांश आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सालय पर्वतीय व दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित हैं, जहां नेटवर्क, इंटरनेट कनेक्टिविटी व तकनीकी संसाधनों की गंभीर समस्याएं बनी रहती हैं। ऐसी परिस्थितियों में मोबाइल एप आधारित उपस्थिति व आधार आधारित बायोमीट्रिक व्यवस्था को वेतन आहरण से जोड़ना अव्यवहारिक है। संघ ने निर्णय लिया कि 11 व 12 जून 2026 को ओपीडी सेवाएं जारी रहेंगी, लेकिन विरोध स्वरूप आंदोलनात्मक गतिविधियां संचालित की जाएंगी। 15 जून से प्रदेशभर में आयुर्वेद डॉक्टर पूर्ण कार्य बहिष्कार कर आयुर्वेद निदेशालय में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू करेंगे। संघ की ओर से आंदोलन के संबंध में आयुष सचिव को पत्र भेजा गया है।
विज्ञापन