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यूवाइटिस की रोकथाम के लिए जागरूकता जरूरी
अमर उजाला, मसूरी
Updated Sat, 28 Sep 2013 11:35 AM IST
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नेत्ररोग विशेषज्ञों का 13वां वार्षिक सम्मेलन शुक्रवार को बार्लोगंज स्थित जेपी रेसीडेंसी में शुरू हुआ।
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इसमें आंखों की बीमारी यूवाइटिस के बारे में मंथन किया गया। इससे पहले सम्मेलन का शुभारंभ दुनिया के जाने-माने नेत्ररोग विशेषज्ञ डा. नरसिंग राव ने किया। उन्होंने कहा कि आंखों में एक विशेष किस्म की बीमारी यूवाइटिस अमेरिका, यूरोप और अन्य विकसित देशों में तेजी से फैल रही है। भारत में भी इस बीमारी के मरीजों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है।
कैंसर से भी खतरनाक यूवाइटिस
दुनिया में यूवाइटिस को कैंसर से भी खतरनाक माना जा रहा है। ऐसे में इसकी रोकथाम के लिए जागरूकता जरूरी है। पीजीआई चंडीगढ़ के प्रो. अमोद गुप्ता ने कहा कि तीन दिवसीय सम्मेलन में कई सेशन आयोजित किए जाएंगे, जिसमें देशभर से आए नेत्ररोग विशेषज्ञों को इस बीमारी के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
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नेत्ररोग विशेषज्ञ
आयोजक मंडल के सचिव डा. सौरभ लूथरा ने बताया कि सेमीनार में दुनिया के कई जाने माने नेत्ररोग विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं। इसमें प्रमुख रूप से प्रो. कार्ल पी हर्बोट, प्रो. ज्योतिर्मय विश्वास, यूवाइटिस सोसाइटी के अध्यक्ष डा. सुधा बाबू, डा. मनोहर बाबू, डा. कल्पना बाबू, डा. सोमाशिला मूर्ति, डा. प्रदमालिनी, डा. आमला, डा. एस नारायण है। देहरादून से डा. एसडी विजय, डा. एमएस रावत, डा. आरपी गर्ग आदि शामिल हैं।
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