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Dehradun News: सौ मीटर दौड़ में आवेश और मानवी सबसे तेज दौड़े

Fri, 13 Dec 2024 07:34 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 13 Dec 2024 07:34 PM IST
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Avesh and Manvi ran the fastest in 100 meter race
शिशु रोग समेत मेडिसिन ओपीडी में रोजाना आ रहे मरीज
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चिकित्सक दे रहे उपचार, क्षेत्रीय अस्पताल में बढ़ी ओपीडी
मामले बढ़ने के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिलेभर में ठंड बढ़ने के साथ ही निमोनिया मामले आना शुरू हो गए हैं। ऐसे में अस्पताल में ओपीडी काफी अधिक हो गई है। हालांकि अभी तक खांसी, जुकाम, बुखार के मामले ही आ रहे थे। लेकिन अब क्षेत्रीय अस्पताल में ही रोजाना चार मामले निमोनिया के निकल रहे हैं। इन लक्षण लेकर आने वाले मरीजों को अस्पतालों में उपचार दिया जा रहा है। राहत की बात तो यह है कि अभी तक इन मामलों में कोई गंभीर नहीं है। लेकिन अब मरीजों को सतर्क रहने के बारे में चिकित्सक कह रहे हैं।
अस्पताल में मेडिसिन ओपीडी ही नहीं बल्कि शिशु रोग ओपीडी में भी उपचार के लिए मरीज आ रहे हैं। रोजाना आ रहे मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं बढ़ गई हैं। वहीं, मामलों के बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर दी है। अस्पताल में ज्यादातर मरीजों में खांसी, जुकाम, बुखार, गला दर्द, पेट दर्द और टॉसिल की शिकायतें आ रही हैं। क्षेत्रीय अस्पताल के अलावा जिले के अन्य अस्पतालों में भी निमोनिया के मामले आ रहे हैं। ओपीडी में रोजाना 400 से अधिक अलग-अलग रोगी उपचार के लिए आ रहे हैं। शिशु रोग ओपीडी भी 150 के पार पहुंच गई है।
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गौर रहे कि सर्दियों में निमोनिया के मामले अस्पतालों में आना शुरू हो जाते हंैं। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग ने इस बार पहले ही लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि निमोनिया को लेकर जागरूक करने से लोग तुरंत उपचार के लिए आगे आएंगे। बीते सालों में निमोनिया को लेकर लोगों की ओर से बरती ढील परेशानी का कारण बनती है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने घरद्वार पर सूचना, शिक्षा, संपर्क (आईईसी) करना शुरू कर दिया है। विभाग की ओर से ये अभियान नवंबर से फरवरी तक यह अभियान चलेगा।
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इनसेट
निमोनिया के लक्षण
- सांस लेने या खांसने पर सीने में दर्द
-खांसी, जो कफ पैदा कर सकती है
- थकान महसूस होना
- बुखार, पसीना और कंपकंपी ठंड लगना
- सामान्य शरीर के तापमान से कम
- मतली, उल्टी या दस्त
- सांस लेने में परेशानी

इनसेट
बचाव के उपाय
- बच्चों को सुबह शाम गर्म कपड़े पहनाएं
- बच्चों को सुबह शाम नंगे पैर न चलने दें
- निमोनिया और फ्लू से बचाव के लिए टीके लगवाएं
- जरा भी दिक्कत होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर से उपचार लें
- बुजुर्ग धूम्रपान से परहेज करें

इनसेट
जिले के अस्पतालों में निमोनिया को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। अस्पतालों में दवाओं की खेप पूरी कर दी है। निमोनिया को लेकर घरद्वार पर जाकर टीम लोगों को जागरूक कर रही हैं। लोगों से आग्रह है कि ठंड में अपना ध्यान रखेें। संबंधित लक्षण के आने पर तुरंत उपचार करवाएं।
-डॉ. गगन शर्मा
जिला कार्यक्रम अधिकारी, सोलन
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