नौकरी के लिए खुद बनिए 'राजपत्रित अधिकारी'
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उत्तराखंड में धीमी गति से ही सही, लेकिन प्रशासनिक सुधार आयोग की सिफारिश लागू करने की शुरुआत हो गई है। फिलहाल पहले चरण में सरकारी नौकरी (सेवा योजन) के लिए होने वाले आवेदन को बेहद सरल कर दिया गया है। अब आवेदन जमा कराने से पहले बेरोजगारों को राजपत्रित अधिकारियों के चक्कर नहीं काटने होंगे।
कार्मिक विभाग की ओर से बृहस्पतिवार को जीओ जारी किया गया। मुख्य सचिव की तरफ से जारी आदेश में स्पष्ट कर दिया गया है कि आवेदक द्वारा खुद प्रमाणित किए आवेदन फार्म स्वीकार किए जाएंगे।
कार्मिक विभाग के अफसरों के साथ बैठक के बाद मुख्य सचिव एन रविशंकर ने यह आदेश जारी किया। इसके तहत सेवा योजन के लिए आवेदन के साथ संलग्न शैक्षिक, जाति व मूल निवास प्रमाण पत्र और फोटो को आवेदक खुद प्रमाणित कर जमा करा सकेगा।
नियुक्ति से पहले वेरीफाइड होगें प्रमाण पत्र
साक्षात्कार के समय या किसी नौकरी में साक्षात्कार नहीं होने पर नियुक्ति से पूर्व सभी मूल प्रमाण पत्रों का मिलान कराना होगा। जबकि खुद प्रमाणित की गई फोटो का परीक्षा कक्ष में कक्ष निरीक्षक मिलान करेगा। उसी फोटो को साक्षात्कार के समय भी संज्ञान में लिया जाएगा।
आरक्षण का लाभ पाने वाले अभ्यर्थी जाति प्रमाणपत्र आदि भी खुद प्रमाणित कर सकेंगे। जिनका साक्षात्कार या नियुक्ति के समय मूल प्रमाण पत्रों से मिलान किया जाएगा।
फैसले का होगा व्यापक असर
भविष्य में इस प्रयोग का बड़ा असर सामने आने की संभावना है। बाद में डीएल, मूल निवास, जाति प्रमाण पत्र, हैसियत व चरित्र प्रमाण पत्र बनवाने के लिए भी यही व्यवस्था होगी।
कई प्रमाण पत्रों के लिए शपथपत्र दाखिल करने होते हैं, इनके लिए भी यही व्यवस्था होगी। पंजाब में लगभग 34 सेवाओं के लिए यह प्रयोग शुरू कर दिया गया है।