देहरादून: दुग्गल बंधुओं को कुर्की नोटिस, हड़पी थी कानपुर के पूर्व विधायक की अरबों की संपत्ति
- गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद भी कोर्ट में पेश नहीं हो रहे हैं आरोपी
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कानपुर के पूर्व विधायक और पूर्व मेयर महेंद्र सिंह की पैतृक जमीन के दस्तावेजों में हेरीफेरी कर बेचने के मामले में कोर्ट से दो आरोपियों के खिलाफ कुर्की के नोटिस जारी किए हैं। दोनों आरोपी लगातार वारंट जारी होने के बाद भी कोर्ट में पेश नहीं हो रहे हैं। इस मामले में सुनवाई अब 26 मार्च को होगी।
महेंद्र सिंह की देहरादून आईएसबीटी रोड से लगी अरबों की पैतृक संपत्ति को राजस्व विभाग से सांठगांठ कर अपने नाम करा लिया गया था। बाद में यह जमीन बेच दी गई। इस जमीन पर फिलहाल कई आलीशान बिल्डिंग और बड़े प्रतिष्ठान बन चुके हैं।
इस मामले में महेंद्र सिंह ने एसआईटी भूमि के आईजी अजय रौतेला से शिकायत की थी। प्राथमिक जांच में पाया गया था कि राजस्व अभिलेखों में यह गड़बड़ी 1992 से लेकर 1994 के बीच की गई है।
आईजी अजय रौतेला ने प्राथमिक जांच के बाद कमिश्नर गढ़वाल से प्रशासनिक जांच का अनुरोध किया था। कमिश्नर ने पूरे मामले की जांच जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित एसआईटी से कराई थी।
जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन सर्वे नायब तहसीलदार, कानूनगो के अलावा 39 लोगों के खिलाफ पटेलनगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। राजस्व अधिकारियों के अलावा नेशविला रोड निवासी प्रदीप दुग्गल और अमीष दुग्गल को मुख्य आरोपी बनाया गया था। दुग्गल बंधुओं ने जमीन अपने नाम कराकर बेची थी। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
महेंद्र सिंह के अधिवक्ता सुनील सिंह राघव ने बताया कि कोर्ट से लगातार गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद भी आरोपी प्रदीप दुग्गल और अमीष दुग्गल कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे। एसीजेएम प्रथम मंजू मुंडे ने सुनवाई के दौरान कड़ी नाराजगी जताते हुए दुग्गल बंधुओं के खिलाफ कुर्की नोटिस जारी किए हैं। कोर्ट में पेश न होने पर आरोपियों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।